यूजीसी की नीतियों के विरोध में सुराज सेवा दल ने राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा,,,
देहरादून।
यूजीसी की नीतियों के विरोध में सुराज सेवा दल ने राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला दहन किया और शिक्षा नीति पर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठन अध्यक्ष रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि यूजीसी के माध्यम से ऐसी नीतियां थोपी जा रही हैं, जो समाज को जोड़ने के बजाय विभाजन की ओर ले जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सामाजिक संतुलन की अनदेखी कर वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही है।
रमेश जोशी ने कहा कि यदि किसी वर्ग के साथ भेदभाव की आशंका थी तो पहले से मौजूद व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाना चाहिए था, लेकिन इसके उलट नई नीतियों के जरिए समाज में असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते इन निर्णयों पर पुनर्विचार नहीं किया तो इसके दूरगामी और गंभीर परिणाम सामने आएंगे।
संगठन नेताओं ने कहा कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाकर सरकार सामाजिक विभाजन की राजनीति को हवा दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी की मौजूदा नीति समाज को जातिगत आधार पर बांटने का प्रयास है, जो देश के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है।
सुराज सेवा दल ने स्पष्ट किया कि यूजीसी के विरोध में उनका आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। आने वाले दिनों में संगठन जनप्रतिनिधियों से समर्थन मांगेगा और जो जनप्रतिनिधि समर्थन नहीं करेगा, उसके खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
प्रदर्शन में रमेश जोशी, देवेंद्र बिष्ट, विपिन, कमल धामी, हिमांशु धामी, दिव्यांश बिष्ट, विजेंद्र, दीपक राणा, अमित राणा, लालमणि भारद्वाज, कावेरी जोशी, पूजा बिष्ट, पूजा नेगी, संगीता नेगी, सुचेत अग्रवाल, यश शर्मा, राकेश दुबे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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