हरिद्वार के युवा अंकित चौधरी ने संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल की पेश,,,

हरिद्वार के युवा अंकित चौधरी ने संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल की पेश,,,

हरिद्वार के युवा अंकित चौधरी ने संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल की पेश,,,
हरिद्वार।
आज के दौर में जहां लोग अक्सर मुसीबत में फंसे व्यक्ति को देखकर भी अनदेखा कर आगे बढ़ जाते हैं, वहीं हरिद्वार के युवा अंकित चौधरी ने संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। उनकी सतर्कता और समय पर उठाए गए कदम से गंगनहर में बह रही एक बुजुर्ग महिला की जान बच गई।

घटना उस समय हुई जब अंकित चौधरी की नजर गंगनहर में बह रही एक महिला पर पड़ी। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद पानी में कोई शव बह रहा है, लेकिन उन्होंने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए गौर से देखा। महिला के शरीर में हलचल दिखाई देने पर उन्हें एहसास हुआ कि वह जीवित हैं और मदद की जरूरत है। इसके बाद अंकित ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस और जल पुलिस की टीम सक्रिय हो गई। मौके पर पहुंची टीम ने त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाकर महिला को सुरक्षित गंगनहर से बाहर निकाल लिया। जानकारी के अनुसार महिला कनखल क्षेत्र की रहने वाली हैं। मानसिक रूप से परेशान होने के कारण घाट पर उनका संतुलन बिगड़ गया था और वह पानी के तेज बहाव में बहने लगी थीं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि अंकित चौधरी की जागरूकता ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। यदि उन्होंने समय रहते सूचना न दी होती तो महिला को बचा पाना मुश्किल हो सकता था। उनकी मानवीय सोच और सजगता ने यह साबित किया कि समाज में बदलाव के लिए बड़े पद या विशेष अधिकार नहीं, बल्कि संवेदनशील दिल और जिम्मेदार सोच की जरूरत होती है।

महिला के परिजनों ने अंकित का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें परिवार का शुभचिंतक बताया। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भी उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे जागरूक नागरिक पुलिस के लिए सहयोगी की भूमिका निभाते हैं। अंकित चौधरी की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है कि किसी अनजान व्यक्ति की मदद के लिए बढ़ाया गया हाथ कभी-कभी किसी की पूरी जिंदगी बचा सकता है। उनकी सतर्कता, संवेदनशीलता और तत्परता ने एक परिवार की खुशियां सुरक्षित रखने का काम किया है, जिसकी क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।

उत्तराखंड