पुलिस की आंखों में धूल झोंकते आ रहे पांच हजार रुपये का इनामी नशा तस्कर आखिरकार एसओजी की सटीक सुरागरसी और तकनीकी निगरानी के जाल में फंसा,,,

पुलिस की आंखों में धूल झोंकते आ रहे पांच हजार रुपये का इनामी नशा तस्कर आखिरकार एसओजी की सटीक सुरागरसी और तकनीकी निगरानी के जाल में फंसा,,,

पुलिस की आंखों में धूल झोंकते आ रहे पांच हजार रुपये का इनामी नशा तस्कर आखिरकार एसओजी की सटीक सुरागरसी और तकनीकी निगरानी के जाल में फंसा,,,
ऋषिकेश/लक्ष्मणझूला।
लगातार चकमा देकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकते आ रहे पांच हजार रुपये का इनामी नशा तस्कर आखिरकार एसओजी की सटीक सुरागरसी और तकनीकी निगरानी के जाल में फंस गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर एसओजी और लक्ष्मणझूला थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को उत्तरकाशी जिले के मनेरी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
थाना लक्ष्मणझूला में एनडीपीएस एक्ट के दो मुकदमों में वांछित चल रहे बृजपाल पुत्र निहाल सिंह निवासी ग्राम बयाणा, थाना मनेरी, उत्तरकाशी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लक्ष्मणझूला पुलिस कई बार दबिश दे चुकी थी, लेकिन हर बार आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था।
इस बार एसएसपी सर्वेश पंवार ने मामले में एसओजी को भी धरपकड़ में लगाया। एसओजी प्रभारी रंजीत तोमर के निर्देशन में हेड कांस्टेबल उत्तम सिंह चौहान ने लगातार सुरागरसी, तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन जुटाकर आरोपी की सटीक जानकारी निकाली। इसी इनपुट के आधार पर उपनिरीक्षक अजय रमन के नेतृत्व में लक्ष्मणझूला पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने उत्तरकाशी के ग्राम बयाणा में दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना लक्ष्मणझूला में एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था।
कार्रवाई में शामिल टीम
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अजय रमन (टीम प्रभारी), एसओजी के हेड कांस्टेबल उत्तम सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल दिनेश दिलवाल और कांस्टेबल सतपाल भंडारी की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।

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