कलियर उर्स-758 व सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण हटाने का खेल निराला, ,,

कलियर उर्स-758 व सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण हटाने का खेल निराला, ,,

कलियर उर्स-758 व सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण हटाने का खेल निराला,

अवैध अतिक्रमण में लगे बाजारों को तहसील कर्मी ,सिंचाई विभाग यूपी व नगरपंचायत कलियर बाजार के रूप में बांट कर अवैध उगाही का कारण तो नहीं,,,?
रुड़की/कलियर
अनवर राणा।
दरगाह पिरान कलियर साबिर पाक क्षेत्र में अब उर्स (मेला)लगवाने के लिये अपनी कोई जमीन तब से नहीं रही जबसे साबिर पाक की वक्फ जमीन को अभिलेखों में कुछ लोगों ने अपने नाम दर्ज कराने में बड़ी ही चतुराई से कामयाबी हासिल की है। बस इस उर्स को लगवाने के लिये सरकारी जमीनों पर ही मेला प्रशासन निर्भर होता है।जिसमे एक बड़ा हिस्सा सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश गंगनहर उत्तरीखण्ड का है उसमें भी बिना एनओसी लिये कुछ अस्थायी व कुछ हिस्से पर स्थायी अवैध अतिक्रमण किया हुआ है कुछ हिस्से पर इस सरकारी जमीन के हाइकोर्ट का स्टे बताया जाता है। 2019 से पूर्व जबकि उक्त जमीन को साल में एक बार सिंचाई विभाग के अधिकारी स्थानीय प्रशासन के सहयोग से अवैध अतिक्रमण कारियो से मुक्त कराती आ रही थी।परंतु राजनीतिक दबाव के चलते उक्त अवैध दुकानदारों के द्वारा तरह तरह के हथकण्डे अपना कर उर्स के समय भी प्रशासन के लाख दावों के बावजूद इस जमीन से कब्जे नहीं हटाये जा रहे है। मुख्यतः एक बाजार नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी के नाम पर छोड़ा गया तो दूसरी सरकारी जगह तहसील के पटवारी के नाम पर वहां शिलिंग की जमीनों पर हुवे अवैध अतिक्रमण को ज्यो का त्यों रखा गया है तो वहीं पीपल चौक पर सिंचाई विभाग के अमीन/जिलेदार के नाम पर भी छोड़ा गया है रही बात उर्स में आने वाले बाहर के दुकानदारों की उन्हें दुकानदार जो अवैध कब्जाधारक बने है उनके द्वारा 30 हजार से लेकर 40 हजार रुपये में प्रति दुकान एक हफ्ता के लिये ब्लेक की जा रही है। वो भी तब जब सरकार सिंचाई विभाग की जमीन हो या नगर पंचायत की जमीन पर लगी हुई अवैध अतिक्रमण में लगी दुकानों की किसी भी विभाग के द्वारा 2019 के बाद कोई राशिद नहीं दी गयी है फिर भी उक्त दुकान लगे पूरे बाजार 2026 के उर्स में ब्लैक हो चुके है ओर नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी से लेकर लेखपाल मूकदर्शक बने सब तमासा देख रहे है,ओर उच्च अधिकारियों को भृमित कर अवैध कमाई के चलते अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रहे है।जिससे दरगाह की आय को नुकसान तो हो ही रहा है परंतु नगर पंचायत व सिंचाई विभाग की आय भी शून्य ही हो रही है ओर बाजार तीनो विभाग की जमीनों पर बदस्तूर लगकर ज्यादातर ब्लेक किये जा चुके है। उर्स की तैयारियों के नाम पर जो रेहड़ी ठेलियों को हज हाउस रोड से नाले के ऊपर से हटाया गया था आज रात को रही सही कसर पुलिस के द्वारा अवैध अतिक्रमण दोबारा लग वाया गया है। जिससे उर्स व आमदिनों के जायरीनों को सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है।ओर प्रशासन मूकदर्शक बना तमाशा देख रहा है सवाल यह उठ रहा है कि जब अवैध अतिक्रमण सरकारी जमीनों पर ज्यो का त्यों लगाना था तो हटाया क्यों क्या था क्या इसमें भी कोई खेल खेला गया है,,,? यह भी जांच का विषय है।

उत्तराखंड