धर्मनगरी हरिद्वार में पत्रकारिता जगत से जुड़ा एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव आया सामने ,,,

धर्मनगरी हरिद्वार में पत्रकारिता जगत से जुड़ा एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव आया सामने ,,,

धर्मनगरी हरिद्वार में पत्रकारिता जगत से जुड़ा एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव आया सामने ,,,
हरिद्वार।
धर्मनगरी हरिद्वार में पत्रकारिता जगत से जुड़ा एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। देहरादून से संचालित उत्तराखंड पत्रकार यूनियन का अब उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (संबद्ध IFWJ) में विधिवत विलय हो गया है। कनखल स्थित मानव कल्याण आश्रम में आयोजित बैठक में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों और पत्रकारों की मौजूदगी में विलय की घोषणा की गई। इसके साथ ही उत्तराखंड पत्रकार यूनियन का हरिद्वार में स्वतंत्र संगठन के रूप में वजूद समाप्त हो गया।

गणेश चतुर्थी और हिंदी दिवस के अवसर पर हुए इस विलय को पत्रकारों की एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। उत्तराखंड पत्रकार यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रमोद गिरी और महामंत्री महावीर सिंह नेगी ने कहा कि साथियों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद संगठन को उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन में विलय करने का निर्णय लिया गया है। उनका कहना था कि पत्रकारों के सामने लगातार नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं, ऐसे में अलग-अलग मंचों के बजाय एक मजबूत संगठन के बैनर तले एकजुट होकर पत्रकार हितों की लड़ाई लड़ना जरूरी है।

उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिला अध्यक्ष संजय आर्य और जिला महासचिव अमित कुमार गुप्ता ने कहा कि यह विलय पत्रकारों की आवाज को और मजबूती देगा। पत्रकार हितों के संरक्षण, प्रेस की स्वतंत्रता और जन सरोकार से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए संगठन पूरी ताकत के साथ काम करेगा।

विलय के अवसर पर उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के कार्यकारी प्रांतीय अध्यक्ष अविक्षित रमन, वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. रजनीकांत शुक्ल, वरिष्ठ सदस्य अनिरुद्ध भाटी, पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष संजय रावल, पूर्व महामंत्री महेश पारिक, गोस्वामी गगनदीप और संजय संतोषी ने नए साथियों का स्वागत किया। उन्होंने पत्रकारों के अधिकार, सम्मान और हितों की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

बैठक में वरिष्ठ पत्रकार मुदित अग्रवाल, अश्विनी अरोड़ा, रविंद्र सिंह, डॉ. पंकज कौशिक, रामेश्वर दयाल शर्मा, रूपेश वालिया, मनीष कुमार, आवेश अंसारी, दीपक मौर्या, रितेश तिवारी, सुरभि गुप्ता, चंद्रशेखर गोस्वामी, विशाल गोस्वामी, प्रवीण पेंग्वाल और कुलदीप उर्फ काका ने भी विचार रखे। विनय शर्मा, संकेत वालिया, वासुदेव और मनीषा सूरी ने भी विलय का स्वागत किया।

पत्रकारों की इस नई एकजुटता को संगठनात्मक रूप से बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हालांकि, देखने वाली बात यह होगी कि नई जुगलबंदी प्रेस क्लब की राजनीति में क्या गुल खिलाती है।

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