9 नवंबर तक चिन्हीकरण से बंचित आंदोलनकारियो के चिन्हित न होने पर राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के चिन्हित आंदोलनकारी सरकार को करेंगे अपना सम्मान पत्र वापिस,,,
रुड़की।
अनवर राणा।
9 नवंबर तक चिन्हीकरण से बंचित आंदोलन के चिन्हित न होने पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के चिन्हित आंदोलनकारी अपना सम्मान पत्र सरकार को वापस कर देंगे। उक्त जानकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी। इसके साथ ही उन्होंने पलायन रोकने के लिए सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की भी मांग सरकार से की है। रुड़की टॉकीज चौक समीप पर स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रकाश काला ने कहा कि 9 नवंबर 2023 को उत्तराखंड राज्य को बने 23 वर्ष पूरे हो जाएंगे। लेकिन 23 वर्ष पूरे होने के बाद भी चिन्हीकरण से कई आंदोलनकारी अभी भी बंचित हैं। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर 2021 को बंचित आंदोलनकारी के चिन्हीकरण के लिए 31 दिसंबर 2021 की तिथि निश्चित की गई थी लेकिन उसके बाद भी चिन्हीकरण नहीं हो पाया जिसके कारण राज्य संघर्ष में संघर्षरत रहे आंदोलनकारी में अधिक रोष है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार जिले में आंदोलनकारी की सूची 31 दिसंबर 2021 को जिलाधिकारी द्वारा गठित कमेटी के दो प्रशासनिक अधिकारी एवं दो राज्य आंदोलनकारी जिनके नेतृत्व में हरिद्वार एवं रुड़की आंदोलन चला कमेटी द्वारा अंतिम रूप देकर 460 लोगों की सूची तैयार की थी जो चिन्हीकरण की प्रतीक्षा कर रही है जिसमें से कई लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर 9 नवंबर 2023 तक बंचित आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण एवं 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण नहीं किया गया तो 10 नवंबर 2023 को कई चिन्हित आंदोलनकारी अपना सम्मान पत्र सरकार को वापस कर देंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार से मांग है कि पलायन रोकने के लिए सरकारी विभागों में पद भरे जाएं।इसके साथ ही जो लोग बाहर से आकर कुछ वर्षों पूर्व प्रदेश में आकर रहे हैं उन्हें स्थाई निवास प्रमाण पत्र देना ठीक नही है। उन्हे मूल निवास दिया जाए। वहीं भू कानून बनाए जाने की भी मांग की। इस अवसर पर बिजेंद्र हेमदान, राजकुमार पुरोहित, सरोजनी थपलियाल, दिक्का ध्यानी, शिव चरण बिजौला आदि मौजूद रहे।

