सुरक्षा व आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों के तहत एसपी रेलवे जीआरपी उत्तराखंड अरुणा भारती के नेतृत्व में हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर एक विशेष मेडिकल कैंप एवं सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया आयोजन ,,,
हरिद्वार:
आगामी अर्द्धकुंभ मेला-2027 के मद्देनज़र यात्रियों की सुरक्षा व आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों के तहत एसपी रेलवे जीआरपी उत्तराखंड अरुणा भारती के नेतृत्व में हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर एक विशेष मेडिकल कैंप एवं सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर हिमालयन इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट, जॉली ग्रांट देहरादून की प्रशिक्षित चिकित्सक टीम ने जीआरपी व आरपीएफ के अधिकारियों व कर्मचारियों को फर्स्ट रेस्पांडर के रूप में कार्य करने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। चिकित्सक टीम में डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. सुनील खंडूरी सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने सीपीआर के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक आने की स्थिति में पहले तीन मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस दौरान पीड़ित को समय पर सीपीआर उपलब्ध हो जाए, तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 66 प्रतिशत मामलों में जीवन बचाया जा सकता है।
चिकित्सकों ने यह भी कहा कि हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन भारी संख्या में यात्रियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में पुलिस ही सबसे पहले मौके पर पहुंचती है, इसलिए पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान सांप के काटने, अचानक बेहोशी जैसी आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गई। साथ ही प्रथम दृष्टया जहरीले एवं गैर-जहरीले सांपों की पहचान और तत्काल किए जाने वाले आवश्यक कदमों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में थाना जीआरपी हरिद्वार, थाना जीआरपी देहरादून, थाना जीआरपी लक्सर, जीआरपी पुलिस लाइन/कार्यालय तथा आरपीएफ पोस्ट हरिद्वार के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कप्तान जीआरपी अरुणा भारती सहित आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मेडिकल कैंप और प्रशिक्षण कार्यक्रम को पुलिसकर्मियों ने अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता

