दिल्ली में हुए बम धमाकों में मारे गए निर्दोष नागरिकों की आत्मा की शांति के लिए सुराज सेवा दल के सैकड़ों कार्यकर्ता मंगलवार शाम गांधी पार्क में एकत्र ,,,

दिल्ली में हुए बम धमाकों में मारे गए निर्दोष नागरिकों की आत्मा की शांति के लिए सुराज सेवा दल के सैकड़ों कार्यकर्ता मंगलवार शाम गांधी पार्क में एकत्र ,,,

दिल्ली में हुए बम धमाकों में मारे गए निर्दोष नागरिकों की आत्मा की शांति के लिए सुराज सेवा दल के सैकड़ों कार्यकर्ता मंगलवार शाम गांधी पार्क में एकत्र ,,,
हरिद्वार:
दिल्ली में हुए बम धमाकों में मारे गए निर्दोष नागरिकों की आत्मा की शांति के लिए सुराज सेवा दल के सैकड़ों कार्यकर्ता मंगलवार शाम गांधी पार्क में एकत्र हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कैंडल जलाकर मौन प्रार्थना की और गांधी पार्क से घंटाघर तक कैंडल मार्च निकाला।
कैंडल मार्च का नेतृत्व सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि “आईबी, बीएसएफ, रिजर्व बैंक, मोबाइल कंपनियां सभी केंद्र सरकार के अधीन हैं, फिर भी राजधानी दिल्ली में बम धमाकों जैसी आतंकवादी घटना कैसे हो गई? यह सरकार की नाकामी नहीं तो और क्या है?”
जोशी ने कहा कि “ट्रिपल इंजन की सरकार होते हुए भी देश में सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त नजर आ रही है।” उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब राजधानी में भी नागरिक सुरक्षित नहीं, तो आम जनता कहां जाएगी। उन्होंने कहा कि कभी पुलवामा, कभी पहलगाम और अब दिल्ली— इन घटनाओं से साफ है कि देश में आतंकवाद पर लगाम नहीं लग रही है।
सुराज सेवा दल अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी के पुराने नेताओं को सत्ता का मोह त्याग कर ईमानदार चेहरों को आगे लाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर भी हमला बोलते हुए कहा कि “मरा हुआ विपक्ष सिर्फ दलाली में लिप्त है और सत्ता की गोद में बैठकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है।”
उन्होंने सरकार से मांग की कि दिल्ली धमाकों में मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और घायलों व नुकसान झेलने वाले व्यापारियों को पचास-पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
कैंडल मार्च में देवेंद्र बिष्ट, कमल धामी, विजेंद्र, हिमांशु धामी, राज शर्मा, कावेरी जोशी, पूजा बिष्ट, निधि धामी, पूजा नेगी, नीतू, गीता यादव, गीता तोमर, दिव्यांश बिष्ट, कुणाल, शिवम, मोनू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

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