विशंभर सहाय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट संस्थान का 23-वां स्थापना दिवस मनाया गया,विद्यार्थियों ने दी रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति,,,
रुड़की।
रूपचंद शर्मा एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित बिशम्भर सहाय ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट,रुड़की में संस्थान का 23-वाँ स्थापना दिवस श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत हवन-पूजन के साथ किया गया,जिसमें संस्थान परिवार,शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने सहभागिता कर संस्थान की उन्नति व समृद्धि की कामना की,इसके पश्चात केक कटिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया,जिसने स्थापना दिवस के उत्सव को और भी विशेष बना दिया।इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ प्रस्तुत की गईं,जिनमें नृत्य,गीत एवं नाट्य कार्यक्रम शामिल रहे। छात्रों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे परिसर को उल्लास से भर दिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के सचिव चंद्र भूषण शर्मा ने कहा कि बिशम्भर सहाय ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पिछले 23 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता,संस्कार और अनुशासन को अपना मूलमंत्र मानते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण हेतु निरंतर कार्य कर रहा है।कहा कि हमारा उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं,बल्कि समाज के लिए जिम्मेदार और सक्षम नागरिक भी तैयार करना है।संस्थान के कोषाध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि संस्थान की निरंतर प्रगति टीमवर्क,शिक्षकों की निष्ठा और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है।आने वाले समय में संस्थान शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार एवं आधुनिक संसाधनों के माध्यम से शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है,वहीं मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव भूषण शर्मा ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य बदलते समय के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना है,जिससे विद्यार्थी न केवल शिक्षा में बल्कि रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नई ऊँचाईयाँ प्राप्त कर सकें।युवा शक्ति ही देश का भविष्य है और हम उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों,शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। स्थापना दिवस समारोह ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि बिशम्भर सहाय ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता,नवाचार और संस्कारों का सशक्त केंद्र बनकर निरंतर आगे बढ़ रहा है।इस अवसर पर शाहजेब आलम,दिवाकर जैन,शाहीन, विशाल सैनी ,शिवानी, विपुल गुप्ता,आबाद, शबनम,प्रवीण कुमार, सुधीर सैनी,रुचि,सुनील चौधरी,सोनी,आयुषी शर्मा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

