चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहर का शातिर नहीं, बल्कि फैक्ट्री का पूर्व कर्मचारी निकला,,,
हरिद्वार:
सिडकुल क्षेत्र में फैक्ट्री से हुई नकबजनी की बड़ी घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक शातिर को गिरफ्तार किया है। चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहर का शातिर नहीं, बल्कि फैक्ट्री का पूर्व कर्मचारी निकला। आरोपी ने करीब 15 लाख रुपये कीमत की मशीनरी चोरी कर नए साल का जश्न मनाया, लेकिन पुलिस ने उसकी खुशी ज्यादा दिन टिकने नहीं दी। पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर आरोपी को माल समेत गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि बीते सात जनवरी 2026 को शिव विहार कॉलोनी बहादराबाद निवासी राहुल चौहान ने थाना सिडकुल में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि इंद्रप्रस्थ कॉलोनी स्थित उनके फार्म का ताला तोड़कर अज्ञात चोर कीमती मशीनें चोरी कर ले गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए।
जांच में सामने आया कि चोरी की साजिश फैक्ट्री के पूर्व कर्मचारी नीरज ने रची थी। आरोपी को फैक्ट्री के लेआउट, मशीनों और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने मजदूरों को काम पर लगाया और मशीनें ट्रैक्टर-ट्रॉली में लदवाकर फैक्ट्री से बाहर निकलवा लीं। चोरी के बाद आरोपी नए साल का जश्न मनाने में जुट गया।
सिडकुल थाना प्रभारी नितेश शर्मा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आईटीसी पुल के पास से आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी में उसके कब्जे से चोरी की गई मशीनरी और वारदात में इस्तेमाल ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नीरज पुत्र दिनेश सिंह निवासी ग्राम हल्दुआमाफी, थाना स्योहारा, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी की उम्र 28 वर्ष बताई गई है।
बरामद सामान में सर्वो स्टेबलाइजर, कन्वेयर मशीन, कोडिंग मशीन, प्लेट हीट एक्सचेंजर, तीन हॉर्सपावर की दो मोटर, कैंपर मशीन, हीटिंग टनल, एक हॉर्सपावर की मोटर और ल्यूमिनस कंपनी का यूपीएस शामिल है। पुलिस के मुताबिक बरामद मशीनरी की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
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पुलिस टीम
थाना अध्यक्ष नितेश शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक देवेंद्र तोमर, उपनिरीक्षक शैलेंद्र मंमगई, हेड कांस्टेबल गजेंद्र राजपूत, हेड कांस्टेबल जितेंद्र मलिक, हेड कांस्टेबल संजय, हेड कांस्टेबल देशराज, कांस्टेबल गजेंद्र और कांस्टेबल वीरेंद्र चौहान।

