उपभोक्ता डंपर खरीदार ने डीपीएम ट्रकिंग कंपनी पर धोखाधड़ी, मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक शोषण के लगाये आरोप,,,
रुड़की।
अनवर राणा रिपोर्टर।
रूड़की के थाना पिरान कलियर क्षेत्र में डीपीएम ट्रकिंग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए एक डम्फर खरीदार ने कंपनी पर धोखाधड़ी, मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक शोषण के आरोप लगाए हैं। हरिद्वार के कनखल निवासी देवेश शर्मा का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2022 में डीपीएम ट्रकिंग से टाटा मोटर्स कंपनी का 2823 मॉडल डम्फर खरीदा था लेकिन कुछ ही समय बाद वाहन में पिकअप की गंभीर समस्या सामने आने लगी। पीड़ित के अनुसार समस्या को लेकर उन्होंने कई बार ई-मेल व अन्य माध्यमों से कंपनी को अवगत कराया लेकिन समाधान नहीं हुआ। अगस्त 2025 में जांच के नाम पर कंपनी ने डम्फर को अपनी वर्कशॉप में बुलाया जहाँ बिना किसी पूर्व अनुमति के वाहन से नया इंजन निकालकर पुराना इंजन लगा दिया गया। इसके बाद वाहन की हालत और खराब हो गई। पिकअप की समस्या जस की तस बनी रही वहीं डम्फर पहले से अधिक तेल की खपत करने लगा। देवेश शर्मा का आरोप है कि दोबारा शिकायत करने पर एक जनवरी को वाहन दोबारा कंपनी में जमा कराया गया लेकिन 35 दिन बीत जाने के बाद भी वाहन ठीक नहीं किया गया। अब कंपनी की ओर से इंजेक्टर बदलने के नाम पर 80 हजार रुपये की मांग की जा रही है।पीड़ित ने बताया कि डम्फर उनकी आजीविका का एकमात्र साधन था लेकिन लगातार खराबी और कंपनी की लापरवाही के चलते वह पूरी तरह आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अब उनके पास बच्चों की स्कूल फीस जमा करने तक के पैसे नहीं बचे हैं। आरोप है कि डीपीएम ट्रकिंग ने उनका डम्फर जब्त कर लिया है और भुगतान न करने की स्थिति में वाहन लौटाने से इनकार किया जा रहा है जबकि कंपनी के नियमों के अनुसार यदि वाहन 24 घंटे से अधिक समय तक रोका जाता है तो वाहन मालिक को प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा दिया जाना चाहिए लेकिन इस नियम का भी पालन नहीं किया गया। पीड़ित ने डीपीएम ट्रकिंग के अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और शोषण का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

