देहरादून के पौंधा इलाके में हुई मुठभेड़ में मारा गया बदमाश अकरम कोई साधारण अपराधी नहीं था, बल्कि कई संगीन वारदातों में शामिल रहा था शातिर अपराधी,,,
मुठभेड़ के दौरान अकरम और उसके साथियों ने पुलिस पर की अंधाधुंध फायरिंग , इसी दौरान प्रेमनगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेश राठौर भी गोली लगने से घायल हुवे,,,
देहरादून।
देहरादून के पौंधा इलाके में हुई मुठभेड़ में मारा गया बदमाश अकरम कोई साधारण अपराधी नहीं था, बल्कि कई संगीन वारदातों में शामिल रहा शातिर अपराधी था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अकरम, मूल रूप से शामली (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला था और वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय था।
सबसे चर्चित मामला सितंबर 2014 का अंकित थपलियाल हत्याकांड है, जिसमें अकरम मुख्य आरोपी था। अंकित, एक सहायक कृषि अधिकारी के बेटे थे और उनकी हत्या ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में अकरम पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
हत्या के बाद अकरम लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान बदल ली और गुजरात के राजकोट में ‘सलीम’ नाम से एक ढाबे पर काम करने लगा। आखिरकार मार्च 2017 में पुलिस ने उसे मुजफ्फरनगर के कुकड़ा रोड से गिरफ्तार किया था।
जेल से छूटने के बाद भी अकरम ने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा। पुलिस के अनुसार, वह एक संगठित गैंग के साथ मिलकर लूट, छिनैती और हथियारबंद वारदातों में सक्रिय था। देहरादून में भी वह इसी तरह की वारदात को अंजाम देने पहुंचा था।
ताजा मुठभेड़ में अकरम अपने साथियों के साथ गुजरात नंबर की कार में सवार था, जो यह दर्शाता है कि वह लगातार अपनी लोकेशन और पहचान बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस का मानना है कि यह गैंग अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय हो सकता है।
मुठभेड़ के दौरान अकरम और उसके साथियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की। इसी दौरान प्रेमनगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेश राठौर भी गोली लगने से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि उन्हें दो गोलियां लगीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मौके पर मोर्चा संभाले रखा और टीम का नेतृत्व करते हुए जवाबी कार्रवाई जारी रखी। बाद में उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।जवाबी कार्रवाई में अकरम को कई गोलियां लगीं और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं, मुठभेड़ के दौरान उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।फिलहाल पुलिस अकरम के आपराधिक नेटवर्क, उसके पुराने साथियों और हालिया गतिविधियों की गहन जांच कर रही है, ताकि पूरे गैंग का पर्दाफाश किया जा सके।

