दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर कुछ ही घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग स्थानों पर कारों में भीषण आग लगने की घटनाएं आयी सामने,,,
रुड़की।
दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर मंगलवार को कुछ ही घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग स्थानों पर कारों में भीषण आग लगने की घटनाएं सामने आईं। दोनों मामलों में रुड़की फायर स्टेशन की टीम ने मौके पर पहुंचकर समय रहते आग पर काबू पाया। फायर कर्मियों की तत्परता से दोनों वाहनों के सीएनजी और पेट्रोल टैंक सुरक्षित रहे, जिससे संभावित विस्फोट और बड़ा हादसा टल गया। दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
पहली घटना सुबह करीब 7:06 बजे कोतवाली सिविल लाइन क्षेत्र में दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर हवेली होटल के पास हुई। सूचना मिलते ही फायर यूनिट मौके पर पहुंची, जहां मारुति सिलेरियो कार (आरजे-40 सीबी-7207) आग की लपटों में घिरी हुई थी। फायर कर्मियों ने हाई प्रेशर पंप से होजरील के माध्यम से आग बुझाने का कार्य शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए फोम का भी प्रयोग किया गया। इसके चलते कार के सीएनजी और पेट्रोल टैंक तक आग नहीं पहुंच सकी और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
इसके बाद सुबह करीब 11:58 बजे फायर स्टेशन रुड़की को दूसरी सूचना मिली कि नगला ईमरती के पास दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर टोयोटा ग्लैंजा कार (एचपी-12 आर-0165) में भीषण आग लगी हुई है। फायर यूनिट तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और हाई प्रेशर पंप व फोम टेंडर की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया तथा कार का पेट्रोल टैंक फटने से बचा लिया गया।
दोनों घटनाओं में फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने फायर कर्मियों की मुस्तैदी और साहस की सराहना करते हुए उनकी प्रशंसा की। दोनों मामलों की सूचना कंट्रोल रूम को भी दे दी गई है।पहली घटना में चालक विपिन सिंह, फायरमैन दिनेश चौहान और अभीषेक कुमार ने आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं दूसरी घटना में प्रभारी राजेश कुमार, चालक विपिन सिंह, नरेंद्र तोमर, फायरमैन हरिश्चंद्र, राजेंद्र गुरुंग तथा रविंद्र सिंह ने सफलतापूर्वक आग पर काबू पाया।

