17 सूत्रीय मांगों को लेकर जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय रुड़की पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना,,,

17 सूत्रीय मांगों को लेकर जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय रुड़की पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना,,,

17 सूत्रीय मांगों को लेकर जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय रुड़की पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना,,,
रुड़की।
अनवर राणा।
रुड़की तहसील परिसर में किसानों का गुस्सा अब सड़क पर उतर आया है। भारतीय किसान यूनियन तोमर के बैनर तले किसानों ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष परविंदर चौधरी के नेतृत्व में शुरू हुए इस धरने में किसानों ने सरकार और प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। रुड़की तहसील परिसर मे भारतीय किसान यूनियन तोमर के कार्यकर्ता और किसान 17 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदेश अध्यक्ष परविंदर चौधरी ने कहा कि आज किसान कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। किसान दिन-रात मेहनत कर फसल पैदा करता है लेकिन उसे अपनी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है और सरकार को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
परविंदर चौधरी ने कहा कि शुगर मिलों पर किसानों का बकाया भुगतान,गन्ने के भाव में बढ़ोतरी,तहसील परिसर में कथित भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर किसान लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं लेकिन कई बार शिकायत और मांग रखने के बावजूद किसानों की समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआम उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज सुनने के बजाय तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा। वहीं भारतीय किसान यूनियन तोमर के राष्ट्रीय सचिव तालिब हसन ने कहा कि संगठन पूरी मजबूती के साथ किसानों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि किसान की समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। जब तक सरकार किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश प्रभारी जोत सिंह पुंडीर ने कहा कि किसान लगातार अपनी जायज मांगों को लेकर अधिकारियों और सरकार के सामने अपनी बात रख रहे हैं। किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो संगठन आने वाले दिनों में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर 17 सूत्रीय मांगों पर जल्द ठोस निर्णय लिया जाए।

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