ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके सुहैल की उम्मीद उस वक्त फिर जग उठी, जब मंगलौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई 1 लाख 7 हजार रुपये की पूरी रकम कराई वापिस,,,
मंगलौर;
ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके सुहैल की उम्मीद उस वक्त फिर जग उठी, जब मंगलौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई 1 लाख 7 हजार रुपये की पूरी रकम वापस करा दी। रकम वापस मिलने के बाद सुहैल और उसके परिवार के चेहरे पर खुशी लौट आई। पीड़ित ने हरिद्वार पुलिस की तत्परता और कार्रवाई के लिए पुलिस का आभार जताया।
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के क्रम में मंगलौर पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। सुहैल निवासी मंगलौर ने कोतवाली मंगलौर में उसके साथ ऑनलाइन 1 लाख 7 हजार रुपये की धोखाधड़ी होने की सूचना दी थी।
इंस्पेक्टर भगवान मेहर के नेतृत्व में मंगलौर पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से फ्रॉड से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने संबंधित व्यक्तियों व संस्थानों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी जुटाई और ठगी गई रकम को होल्ड कराते हुए उसे पीड़ित तक वापस पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस की तत्परता का नतीजा यह रहा कि मुकदमे से संबंधित 1 लाख 7 हजार रुपये की पूरी धनराशि सुहैल को वापस दिला दी गई। अपनी डूबी हुई रकम वापस पाकर सुहैल ने राहत की सांस ली और हरिद्वार पुलिस का धन्यवाद अदा किया।
मंगलौर पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हुआ कि ऑनलाइन फ्रॉड होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है। समय रहते शिकायत मिलने पर पुलिस द्वारा संबंधित बैंक खातों व डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर पीड़ित की रकम वापस कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है।

