यूपी परिवहन निगम में भ्रष्टाचार का आरोप, IGRS शिकायतों की जांच पर उठाए सवाल,सात दिन का दिया अल्टीमेटम,,,
रुड़की।
अनवर राणा।
रुड़की में पत्रकार वार्ता कर ललित शर्मा के व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कथित भ्रष्टाचार और IGRS पोर्टल पर की गई शिकायतों के निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी 11 शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद विभाग ने निर्धारित समय में न तो जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की और न ही शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दी। इतना ही नहीं, बिना जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराए ही शिकायतों को निस्तारित दिखा दिया गया। ललित शर्मा ने परिवहन निगम में बड़े स्तर पर बिलों में गड़बड़ी किए जाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने विभाग को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरे मामले को उजागर करेंगे और केंद्र सरकार के सामने भी यह मुद्दा उठाएंगे। दरअसल रुड़की में पत्रकार वार्ता के दौरान ललित शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार के IGRS पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बनाए गए इस पोर्टल पर भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की एक महीने के भीतर जांच कर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना और शिकायतकर्ता को जानकारी देना अनिवार्य है लेकिन उनका आरोप है कि उनके द्वारा कुल 11 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं जिन पर दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की गई और न ही उन्हें कोई जानकारी दी गई। इसके बावजूद शिकायतों को निस्तारित दिखा दिया गया। शिकायतकर्ता ललित शर्मा का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में प्रबंध निदेशक से जानकारी मांगी तो उन्हें जवाब देने में असमर्थता जताई गई। उन्होंने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में बड़े स्तर पर बिलों में गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके पास इसके पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दबाव में आकर विभाग की ओर से जो ऑफलाइन रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई है वह तथ्यात्मक रूप से गलत है। रिपोर्ट में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले को गोपनीयता की श्रेणी में रखा गया है जबकि उनका कहना है कि भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी को गोपनीय बताकर छिपाया नहीं जाना चाहिए। ललित शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि यदि आने वाले सात दिनों के भीतर उन्हें शिकायतों पर सही और संतोषजनक जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई तो वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे और पूरे मामले को केंद्र सरकार के समक्ष भी रखेंगे।
*बाइट- ललित शर्मा (शिकायतकर्ता)*

