27-वीं शब में नमाज तरावीह में हुआ कुरआन शरीफ मुकम्मल,उलेमा ने कुरआन और रमजान की अहमियत बयान की,,,
रुड़की।
नगर की प्रमुख जामा मस्जिद में रमजानुल मुबारक की 27-वीं शब में नमाज तरावीह के दौरान कुरआन पाक मुकम्मल किया गया।इस दौरान मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों की मौजूदगी रही।नमाज तरावीह में कुरआन शरीफ सुनाने की सआदत हाफिज मोहम्मद तलहा को हासिल हुई।कुरआन शरीफ मुकम्मल होने के मौके पर मस्जिद में आयोजित विशेष दुआ के प्रोग्राम में मदरसा रहमानिया के प्रधानाचार्य मौलाना अजहर उल हक ने बयान करते हुए रमजान की फजीलत और कुरआन करीम की अजमत पर विस्तार से रोशनी डाली।उन्होंने कहा कि रमजान का महीना रहमत,मगफिरत और जहन्नम से निजात का महीना है,इसी महीने में अल्लाह तआला ने इंसानियत की रहनुमाई के लिए कुरआन करीम नाजिल फरमाया,जो कयामत तक के लिए पूरी इंसानियत के लिए हिदायत का जरिया है।उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वे रमजान के महीने की कद्र करें और खासतौर पर आखिरी अशरे में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें,क्योंकि इन्हीं रातों में शबे कद्र जैसी अजीम और बरकत वाली रात आती है,जो हजार महीनों से बेहतर बताई गई है।उन्होंने नमाज और रोजे की पाबंदी की अहमियत बताते हुए कहा कि मुसलमानों की कामयाबी अल्लाह की इबादत और उसके बताए हुए रास्ते पर चलने में है।अगर इंसान अपनी जिंदगी को कुरआन और सुन्नत के मुताबिक ढाल ले तो दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी हासिल हो सकती है।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे रमजान के बाद भी अपनी जिंदगी में नमाज,रोजा,तिलावत और नेक कामों को जारी रखें और समाज में भाईचारा,अमन और मोहब्बत का पैगाम फैलाएं।कार्यक्रम के अंत में हजरत मुफ्ती मोहम्मद सलीम ने दुआ कराई।उन्होंने दुआ में अल्लाह तआला से मुल्क में अमन-चैन,तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी,साथ ही सभी लोगों को नसीहत करते हुए कहा कि रमजान सिर्फ एक महीने की इबादत का नाम नहीं है,बल्कि यह पूरी जिंदगी को सुधारने का पैगाम देता है।उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वे रमजान के सबक को अपनी पूरी जिंदगी में अपनाएं और अपने किरदार,अखलाक और अमल को इस्लामी तालीमात के मुताबिक बनाएं।विशेष दुआ के बाद अफजल मंगलौरी ने हाफिज मोहम्मद तलहा को शाल व नोटों का हर बैठकर सम्मान किया तथा उलमाओं का भी शाल ओढ़ाकर स्वागत किया।इस मौके पर हज अधिकारी बाबू एहसान अहमद,प्रशासक हाजी मोहम्मद मुस्तकीम,मोहम्मद इनाम,नसीम अहमद,मेहताब साबरी,हाफिज नदीम अहमद,बिट्टन त्यागी,इमरान देशभक्त,अंसार अहमद,अताउर रहमान अंसारी,हाफिज इरशाद अहमद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

