खेलों से जोड़ने और नशा मुक्त समाज के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में कॉर्फबॉल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड की ओर से ग्राम कांगड़ी स्थित गणेश वाटिका में आयोजित एडवांस लेवल कॉर्फबॉल प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक हुआ समापन ,,,
हरिद्वार:
युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों से जोड़ने और नशा मुक्त समाज के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में कॉर्फबॉल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड की ओर से ग्राम कांगड़ी स्थित गणेश वाटिका में आयोजित एडवांस लेवल कॉर्फबॉल प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया। शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे 40 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपने कौशल को निखारा।
कॉर्फबॉल विश्व का एकमात्र मिश्रित लैंगिक खेल है, जिसमें लड़के और लड़कियां एक ही टीम में एक साथ खेलते हैं। “नया खेल, नई सोच” के संदेश के साथ यह खेल समानता, टीम भावना और आपसी सम्मान को बढ़ावा देता है। यह खेल भारत सरकार तथा अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) द्वारा मान्यता प्राप्त है।
शिविर का संचालन अंतर्राष्ट्रीय कॉर्फबॉल फेडरेशन (आईकेएफ) से प्रमाणित लेवल-3 कोच देव बल्हारा ने किया। उनके मार्गदर्शन में खिलाड़ियों को खेल की उन्नत तकनीकों और रणनीतियों का प्रशिक्षण दिया गया। शिविर में शामिल सभी खिलाड़ी आगामी राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार बताए जा रहे हैं।
विशेष बात यह रही कि यह प्रशिक्षण शिविर ‘नशा मुक्त उत्तराखण्ड’ अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसे स्वामी यतीश्वरानंद जी महाराज का आशीर्वाद व सहयोग प्राप्त हुआ।
समापन समारोह में हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा (पीसीएस) एवं अंशुल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजन के लिए स्थल एवं आवास सहित विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया।
अंतरराष्ट्रीय कॉर्फबॉल खिलाड़ी महिमा शर्मा ने भी शिविर में पहुंचकर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए प्रेरित किया।
शिविर में भानु शर्मा, शुभम, वीरेंद्र सामंत, सिमरन, स्नेहा, मानव, उदिश और जतिन सहित 40 से अधिक खिलाड़ियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कॉर्फबॉल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के पदाधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को खेलों से जोड़ना, उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना तथा समाज में नशा मुक्ति के प्रति सकारात्मक संदेश देना है।

