भ्रष्टाचार और भूमि संबंधी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर रहे सुराज सेवादल के संघर्ष को आखिरकार मिली सफलता,,,

भ्रष्टाचार और भूमि संबंधी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर रहे सुराज सेवादल के संघर्ष को आखिरकार मिली सफलता,,,

भ्रष्टाचार और भूमि संबंधी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर रहे सुराज सेवादल के संघर्ष को आखिरकार मिली सफलता,,,
देहरादून/हरिद्वार:
भ्रष्टाचार और भूमि संबंधी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर रहे सुराज सेवादल के संघर्ष को आखिरकार सफलता मिल गई। लंबे समय से कार्रवाई की मांग कर रहे संगठन के दबाव और लगातार किए गए आंदोलन के बाद शासन को संबंधित कानूनगो के खिलाफ कदम उठाना पड़ा। शासन स्तर से कार्रवाई करते हुए आरोपी कानूनगो को उसके पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद संगठन के मुखिया रमेश जोशी ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का संकल्प दोहराते हुए कहा है कि प्रदेश को खोखला करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को सबक सिखाने का समय आ गया है।
गौरतलब है कि सुराज सेवादल पिछले कई महीनों से इस मामले को प्रमुखता से उठा रहा था। संगठन का आरोप था कि संबंधित कानूनगो पर भूमि संबंधी मामलों में गंभीर अनियमितताओं, राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर लाभ पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप हैं। इसके बावजूद कार्रवाई लगातार टल रही थी।
बीते दिनों सुराज सेवादल के कार्यकर्ताओं ने राजस्व परिषद पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया था और कार्रवाई में हो रही देरी पर तीखी नाराजगी जताई थी। संगठन के अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, उपाध्यक्ष सुमित अग्रवाल और महामंत्री देवेंद्र बिष्ट लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहकर मामले की पैरवी कर रहे थे। संगठन का कहना था कि पर्याप्त तथ्यों और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।
राजस्व परिषद में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के बाद शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। अब कानूनगो को हटाए जाने के आदेश जारी होने के बाद सुराज सेवादल ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की बड़ी जीत बताया है।
सुराज सेवादल के अध्यक्ष रमेश चंद जोशी ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ जनता की लड़ाई थी। उन्होंने कहा कि संगठन ने लगातार तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आवाज उठाई, जिसके परिणामस्वरूप शासन को कार्रवाई करनी पड़ी। जोशी ने स्पष्ट किया कि जनता के हितों से जुड़े मामलों में संगठन आगे भी इसी तरह संघर्ष करता रहेगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी मुहिम लगातार जारी रहेगी।

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