पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं होती, बल्कि सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों का निर्वहन भी इसकी अहम जिम्मेदारी,,,
मनीष ग्रोवर और पुनीत रोहिला ने सड़क दुर्घटना में घायल पड़े एक पीआरडी जवान की समय रहते मदद कर मानवता का दिया परिचय,,,
रुड़की:
पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं होती, बल्कि सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों का निर्वहन भी इसकी अहम जिम्मेदारी है। इसका जीवंत उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब पत्रकार मनीष ग्रोवर और पुनीत रोहिला ने सड़क दुर्घटना में घायल पड़े एक पीआरडी जवान की समय रहते मदद कर मानवता का परिचय दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुड़की के मिलिट्री चौक से रेलवे पुल मार्ग पर एक पीआरडी जवान सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दी थी, जिसके बाद वह सड़क किनारे गिरकर घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ तो एकत्र हो गई, लेकिन घायल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की पहल नहीं हो सकी।
इसी बीच वहां से गुजर रहे पत्रकार मनीष ग्रोवर और पुनीत रोहिला की नजर घायल जवान पर पड़ी। दोनों पत्रकारों ने बिना समय गंवाए संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए घायल जवान को अपनी कार में बैठाकर तत्काल रुड़की सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के अनुसार घायल पीआरडी जवान की पहचान महिपाल पुत्र जयपाल निवासी ग्राम चंदनपुर, भगवानपुर के रूप में हुई है, जो मंगलौर थाने में तैनात है। बताया गया कि वह अपनी ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहा था, तभी रास्ते में अज्ञात बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया।
दोनों पत्रकारों द्वारा दिखाई गई मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संकट की घड़ी में जिस प्रकार मनीष ग्रोवर और पुनीत रोहिला ने बिना किसी औपचारिकता के घायल जवान की मदद की, वह समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है और यह साबित करता है कि मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता। क्षेत्रवासियों ने दोनों पत्रकारों की इस सराहनीय पहल को मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए उनकी प्रशंसा की है।

