भीषण गर्मी के बीच चरमराई हरिद्वार की बिजली व्यवस्था ,,,

भीषण गर्मी के बीच चरमराई हरिद्वार की बिजली व्यवस्था ,,,

भीषण गर्मी के बीच चरमराई हरिद्वार की बिजली व्यवस्था ,,,
हरिद्वार।
भीषण गर्मी के बीच हरिद्वार की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शुक्रवार के बाद शनिवार की रात भी शहर के बड़े हिस्से में घंटों बिजली की आंख-मिचौनी चलती रही। लगातार दूसरी रात बिजली कटौती, ट्रिपिंग, फाल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या से लाखों लोगों की नींद उड़ गई। ज्वालापुर की वाल्मीकि बस्ती में गुस्साए लोगों ने बिजली संकट के विरोध में प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि लगातार दो रात से वे भीषण गर्मी में परेशान हैं, लेकिन न तो ऊर्जा निगम के जिम्मेदार अधिकारी राहत दे पाए और न ही कोई जनप्रतिनिधि उनकी सुध लेने पहुंचा।
ज्वालापुर के कैथवाड़ा, मैदानियान, मालियान, तेलियान, धीरवाली, वाल्मीकि बस्ती, कनखल के विष्णु गार्डन तथा जगजीतपुर क्षेत्र की कई कॉलोनियों में घंटों बिजली बाधित रही। कई इलाकों में कुछ मिनट बिजली आने के बाद फिर आपूर्ति ठप हो जाती रही। उमस भरी गर्मी में बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक परेशान रहे।
बिजली संकट के बीच ऊर्जा निगम की हेल्पलाइन 1912 भी उपभोक्ताओं के लिए बेअसर साबित हुई। शिकायत दर्ज कराने के लिए कॉल करने पर केवल रिकॉर्डेड संदेश सुनाई देता रहा, लेकिन किसी कर्मचारी से बात नहीं हो सकी। कई लोगों का कहना है कि शिकायत तक दर्ज नहीं हो पाई।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और मामला चर्चा का विषय बना रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक क्षेत्र में ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद कुछ भाजपा नेताओं के दबाव में ऊर्जा निगम ने दूसरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित कर दी। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है और वे सवाल उठा रहे हैं कि यदि ऐसा हुआ है तो क्या यह “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के अनुरूप है? हालांकि, इस संबंध में ऊर्जा निगम या संबंधित नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय निवासी जितेंद्र चौहान, अरविंद, अंकुर, सुलेमान, दिलशाद और शाहनवाज सहित कई लोगों ने बिजली व्यवस्था और हेल्पलाइन सेवा में तत्काल सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ती बिजली मांग के बीच ट्रांसफार्मर फाल्ट, लाइन ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन ऊर्जा निगम के दावे धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति उनका अधिकार है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि दोनों ही इस संकट के समय लोगों को उनके हाल पर छोड़ते नजर आ रहे हैं।

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