आस्था के महासैलाब के बीच करीब साढ़े चार करोड़ कांवड़ यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालकर कांवड़ मेला-2026 को सकुशल संपन्न कराने वाली पुलिस फोर्स की मेहनत आखिरकार मंच पर दी दिखाई,,,

आस्था के महासैलाब के बीच करीब साढ़े चार करोड़ कांवड़ यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालकर कांवड़ मेला-2026 को सकुशल संपन्न कराने वाली पुलिस फोर्स की मेहनत आखिरकार मंच पर दी दिखाई,,,

आस्था के महासैलाब के बीच करीब साढ़े चार करोड़ कांवड़ यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालकर कांवड़ मेला-2026 को सकुशल संपन्न कराने वाली पुलिस फोर्स की मेहनत आखिरकार मंच पर दी दिखाई,,,
हरिद्वार;
आस्था के महासैलाब के बीच करीब साढ़े चार करोड़ कांवड़ यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालकर कांवड़ मेला-2026 को सकुशल संपन्न कराने वाली पुलिस फोर्स की मेहनत आखिरकार मंच पर दिखाई दी। जलाभिषेक के साथ कांवड़ मेले की औपचारिक समाप्ति के बाद मंगलवार शाम प्रेमनगर आश्रम में पुलिस-प्रशासन की ओर से बड़ा खाना व सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मैदान में दिन-रात डटे रहे पुलिसकर्मियों, अधिकारियों, ट्रैफिक वालंटियर्स और एसपीओ की जमकर पीठ थपथपाई गई। मुख्य अतिथि एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी. मुरुगेशन ने पूरी फोर्स को सफल आयोजन की बधाई देते हुए तीन दिन के पारितोषिक अवकाश की घोषणा की।

कार्यक्रम में पुलिस मुख्यालय और रेंज स्तर से लेकर विभिन्न जनपदों के आला अधिकारी व पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह ने मुख्य अतिथि एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी. मुरुगेशन, आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे, आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह रावत, आईजी रेंज राजीव स्वरूप, डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर धीरेंद्र गुंज्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

एसएसपी ने सुनाई कांवड़ मेले की सफलता की कहानी…..
कार्यक्रम की शुरुआत एसएसपी नवनीत सिंह ने कांवड़ मेला-2026 से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ हुई। एसएसपी ने मेले के दौरान पुलिस-प्रशासन की तैयारियों, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और ग्राउंड पर फोर्स की भूमिका का उल्लेख किया।

एसएसपी की रिपोर्ट के दौरान हॉल में कई बार तालियों की गूंज सुनाई दी। तालियों का यह शोर महज उत्साह नहीं, बल्कि उस मेहनत की स्वीकारोक्ति था, जिसके बूते करोड़ों शिवभक्तों की मौजूदगी वाले इतने बड़े आयोजन को पुलिस और प्रशासन ने शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया।

ट्रेनी रिक्रूट्स की पहली परीक्षा भी रही शानदार…..
पुलिस मुख्यालय एवं रेंज स्तर से पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों ने कांवड़ मेले के सफल आयोजन के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह को बधाई दी। अधिकारियों ने पहली बार इतनी बड़ी ड्यूटी में मैदान पर उतरे ट्रेनी रिक्रूट्स के कार्य की विशेष रूप से सराहना की।

अधिकारियों ने कहा कि विभाग में अपनी पहली बड़ी परीक्षा के तौर पर ट्रेनी रिक्रूट्स ने जिस अनुशासन, मेहनत और जिम्मेदारी का परिचय दिया, वह काबिल-ए-तारीफ रहा। उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर यातायात व्यवस्था संभालने वाले ट्रैफिक वालंटियर्स और एसपीओ की भूमिका की भी जमकर प्रशंसा की गई।

मेहनत करने वालों को मंच पर मिला सम्मान…..
इसके बाद अपर पुलिस महानिदेशक लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी. मुरुगेशन ने कांवड़ मेले के दौरान सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों, ट्रैफिक वालंटियर्स और एसपीओ को सम्मानित किया। उन्होंने समस्त फोर्स को सफल आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन को सकुशल संपन्न कराने में प्रत्येक पुलिसकर्मी और सहयोगी की भूमिका महत्वपूर्ण रही।उन्होंने फोर्स का उत्साह बढ़ाते हुए तीन दिन के पारितोषिक अवकाश की घोषणा की। घोषणा होते ही पुलिसकर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई।

आला अफसरों से लेकर ग्राउंड फोर्स तक की मेहनत को सलाम…..
कांवड़ मेला-2026 में पुलिस-प्रशासन के साथ पैरामिलिट्री फोर्स, ट्रैफिक वालंटियर्स, एसपीओ और अन्य सहयोगी टीमों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भीड़ के दबाव, यातायात की चुनौती और लगातार बढ़ती कांवड़ यात्रियों की संख्या के बीच फोर्स ने ग्राउंड पर मोर्चा संभाले रखा। समारोह में पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारी एवं जवान, शहर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सम्मान के बाद साथ बैठकर लिया बड़े खाने का स्वाद…..
सम्मान समारोह के समापन के बाद पुलिस-प्रशासन और कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने साथ बैठकर लजीज भोजन का आनंद लिया। इस दौरान मेले की ड्यूटी के तनाव और थकान के बाद फोर्स के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी। कुल मिलाकर प्रेमनगर आश्रम में आयोजित यह कार्यक्रम कांवड़ मेले के दौरान दिन-रात ड्यूटी में जुटी उस पूरी टीम के नाम रहा, जिसने आस्था के महासैलाब को व्यवस्था के साथ किनारे तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाई।

उत्तराखंड