उर्स के मुख्य रस्मों के दौर में सफाई व्यवस्था की बदहाली ने प्रशासनिक तैयारियों की दी पोल,,,
कलियर।
दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स के मुख्य रस्मों के दौर में सफाई व्यवस्था की बदहाली ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। लाखों रुपये का ठेका छोड़े जाने के बावजूद मेला क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। हल्की बारिश के बाद बाजारों और रास्तों पर कीचड़ फैल गया, जबकि कूड़े से उठ रही बदबू ने जायरीन और स्थानीय दुकानदारों की परेशानी बढ़ा दी है। हैरानी की बात यह है कि जिस समय देशभर से लाखों जायरीन कुल शरीफ में शामिल होने के लिए कलियर पहुंचे हैं, उसी समय जिम्मेदार अधिकारी और सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारी मेला क्षेत्र से नदारद नजर आ रहे हैं।
दरगाह साबिर पाक का 758वां सालाना उर्स चल रहा है। गुरुवार को 13 रबीउल अव्वल के मौके पर कुल शरीफ की रस्म अदा की जा रही है। कुल शरीफ में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में जायरीन कलियर पहुंचे हैं।ऐसे महत्वपूर्ण दिन मेला क्षेत्र की सफाई व्यवस्था बदहाल होने से प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।मेला क्षेत्र के बाजारों, गलियों और आसपास जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा हैं। कूड़े से उठ रही बदबू और गंदगी के बीच जायरीनों को दरगाह तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।सुबह हुई हल्की बारिश ने स्थिति और खराब कर दी।रास्तों पर कीचड़ फैलने से पैदल चलना मुश्किल हो गया है। गंदगी और कीचड़ के कारण स्थानीय दुकानदारों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जायरीन और दुकानदारों का कहना है कि उर्स मेले में सफाई व्यवस्था सबसे अहम होनी चाहिए, लेकिन मुख्य रस्म के दिन ही व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरी दिखाई दे रही है। लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यदि मेला क्षेत्र में कूड़े के ढेर और गंदगी दिखाई दे रही है तो ठेका व्यवस्था और उसकी निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।जायरीनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, कूड़े के ढेर हटवाने और कीचड़ वाले रास्तों पर व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच कर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

