उर्स में मौसम की खराबी से मैदान ने लिया तालाब का रूप झूला सर्कस ठेकेदार के सामने रोजी रोटी का संकट,,,![]()
कलियर।
अनवर राणा।
पिरान कलियर में साबिर पाक के सालाना उर्स के दौरान शुक्रवार देर शाम हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और मेला व्यवस्थाओं के दावों की पोल खोल दी है। महज एक घंटे की झमाझम बारिश से पूरा मेला क्षेत्र जलमग्न हो गया, जिससे उर्स की रौनक फीकी पड़ गई है और कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। बारिश के चलते झूला-सर्कस ग्राउंड पूरी तरह पानी से लबालब हो गया है। मैदान के तालाब में तब्दील हो जाने के कारण वहां लगने वाले खेल-तमाशों और झूलों के संचालन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ठेकेदारों का कहना है कि ग्राउंड से पानी जल्द बाहर नहीं निकाला गया तो उन्हें लाखों रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उर्स के दौरान 14 रबीउल अव्वल की तारीख झूला-सर्कस और अस्थायी बाजारों के कारोबार के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण और कमाने वाला दिन मानी जाती है। इसी दिन सबसे बड़ी संख्या में जायरीन मेला क्षेत्र में पहुंचते हैं और जमकर खरीदारी करते हैं। लेकिन ऐन मौके पर हुई इस बारिश और उसके बाद हुए जलभराव ने दुकानदारों की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया है। अस्थायी बाजार की दुकानों के सामने घुटनों तक पानी और कीचड़ का दलदल बन गया है। हालात यह हैं कि जायरीन पानी और कीचड़ से होकर गुजरने में असमर्थ हैं और दुकानों तक पहुंचने से बच रहे हैं। बाजार में ग्राहकों की आवाजाही न होने से दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। मेला क्षेत्र में जल निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने को लेकर अब स्थानीय दुकानदारों और व्यवसायियों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। दुकानदारों ने जिला प्रशासन और मेला कमेटी से तुरंत प्रभाव से पानी की निकासी कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि उर्स के बाकी दिनों में बचा-कुचा कारोबार सुरक्षित रह सके।

