आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाने वाले मेधावी छात्रों के सपनों को साकार करने के लिए देश की अग्रणी निजी यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी सीयूसीईटी-2025 के माध्यम से प्रदान कर रही 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप,,,
हरिद्वार (उत्तराखंड)।
आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाने वाले मेधावी छात्रों के सपनों को साकार करने के लिए देश की अग्रणी निजी यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी सीयूसीईटी-2025 के माध्यम से 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप प्रदान कर रही है। यह जानकारी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रो. (डॉ.) आर.एस. बावा ने हरिद्वार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी अपने एडमिशन-कम-स्कॉलरशिप प्रोग्राम सीयूसीईटी के जरिए हर वर्ष 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति उपलब्ध करा रही है। इसमें 200 करोड़ रुपये मोहाली कैंपस और 50 करोड़ रुपये लखनऊ कैंपस के लिए निर्धारित हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्तराखंड के 1642 छात्र स्कॉलरशिप से लाभान्वित हो रहे हैं।
रैंकिंग और एकेडमिक उपलब्धियां
प्रो. बावा ने बताया कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। क्यूएस रैंकिंग 2025 में भी सीयू भारत की टॉप-20 यूनिवर्सिटियों में शामिल है। इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और केमिस्ट्री जैसे विषयों में एम्प्लॉयबिलिटी रैंकिंग में सीयू को निजी विश्वविद्यालयों में शीर्ष स्थान मिला है।
प्लेसमेंट में रिकॉर्ड प्रदर्शन
उन्होंने बताया कि एकेडमिक सेशन 2024-25 में छात्रों को 10 हजार से अधिक जॉब ऑफर मिले। अधिकतम अंतरराष्ट्रीय पैकेज 1.74 करोड़ रुपये रहा। 31 कंपनियों ने 20 लाख रुपये से अधिक के पैकेज ऑफर किए।
नवंबर 2025 तक उत्तराखंड के 543 छात्रों को जॉब ऑफर मिले हैं, जिनमें हरिद्वार के 48 छात्र शामिल हैं।
रिसर्च, डिफेंस और खेलों में पहचान
प्रो. बावा के अनुसार यूनिवर्सिटी के नाम 20 हजार से अधिक रिसर्च पब्लिकेशन और 5,500 से ज्यादा पेटेंट फाइल दर्ज हैं। डिफेंस स्कॉलरशिप के तहत अब तक 5,723 छात्रों को 6 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।
खेलों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में लगातार दो बार चैंपियन बनकर इतिहास रचा है। 2025 में सीयू के खिलाड़ियों ने 67 पदक जीते।
उन्होंने बताया कि सीयू के छात्र आज देश-विदेश की नामी कंपनियों और भारतीय सशस्त्र बलों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

