बेलड़ा गांव के ग्रामीणों का जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च, ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाकर खोला मोर्चा,,,

बेलड़ा गांव के ग्रामीणों का जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च, ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाकर खोला मोर्चा,,,

बेलड़ा गांव के ग्रामीणों का जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च, ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाकर खोला मोर्चा,,,

रुड़की।

अनवर राणा।

रुड़की तहसील परिसर स्थित ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय से आज बेलड़ा गांव के ग्रामीणों ने हरिद्वार जिला मुख्यालय के लिए पैदल मार्च शुरू किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के प्रधान और उनके कुछ सहयोगियों द्वारा लंबे समय से कथित तौर पर अनियमितताएं की जा रही हैं। ग्रामीणों ने एक महिला के लापता होने के मामले से लेकर सरकारी योजनाओं में कथित फर्जीवाड़े,पेंशन और राशन कार्ड बनवाने में गड़बड़ी तथा सरकारी तालाबों पर अवैध कब्जे जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन शिकायतों को लेकर लगातार अधिकारियों से गुहार लगाई जा रही है लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में ग्रामीण पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत राष्ट्रपति के नाम सौंपने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने सबसे पहले 27 अगस्त 2021 को गांव की अनिता पत्नी अमरीश कुमार के लापता होने का मामला उठाया है। आरोप है कि अनिता को कथित साजिश के तहत गायब किया गया था और आज तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। उनके परिजनों की ओर से न्याय के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीणों ने सरकारी राशन कार्डों में कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बेलड़ा सहित आसपास के गांवों के करीब 333 लोगों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अंत्योदय राशन कार्ड बनवाए गए जबकि कई कार्डधारक कथित तौर पर संपन्न परिवारों से हैं। ग्रामीणों ने करीब 500 लोगों की वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन बनवाने में भी फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इन मामलों की जांच के लिए कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही गांव की मुस्लिम बस्ती स्थित करीब 15 बीघा के तालाब पर भी अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि तालाब की जमीन पर मकान बनाए गए और खेती भी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इन सभी मामलों में लगातार शिकायतें देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पैदल मार्च के दौरान समाजसेवी एडवोकेट संजीव वर्मा ने भी ग्रामीणों का समर्थन किया और कहा कि वह ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और आज पैदल मार्च के दौरान वह भी ग्रामीणों के साथ हरिद्वार जा रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के बाद भी इंसाफ नही मिला तो जंतर-मंतर नई दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल बेलड़ा गांव के ग्रामीणों का यह पैदल मार्च प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है।

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