दरगाह,सिंचाई विभाग,की बेशकीमती जमीनों पर लगी अवैध अतिक्रमण कर लगाई गयी दुकानों पर हाइकोर्ट का हवाला देकर नगर पंचायत कलियर  ने ठोका दावा।

दरगाह,सिंचाई विभाग,की बेशकीमती जमीनों पर लगी अवैध अतिक्रमण कर लगाई गयी दुकानों पर हाइकोर्ट का हवाला देकर नगर पंचायत कलियर ने ठोका दावा।

दरगाह,सिंचाई विभाग,की बेशकीमती जमीनों पर लगी अवैध अतिक्रमण कर लगाई गयी दुकानों पर हाइकोर्ट का हवाला देकर नगर पंचायत कलियर ने ठोका दावा।
अवैध अतिक्रमण छोड़कर उर्स शुरू होने से पूर्व अन्य जगह से अतिक्रमण हटाने की नगर पंचायत अध्यक्ष ने पत्र लिखकर की उपजिला अधिकारी से मांग।
पिरान कलियर।
अनवर राणा।
दरगाह साबिर पाक उर्स शुरू होने में महज एक हफ्ता का समय शेष होने के कारण नगर पंचायत कलियर ने एक नया पेंच अधिकारियों के सामने फंसाने का काम किया है।नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी सहित बोर्ड के कुछ सदस्यों ने मिलीभगत कर अवैध अतिक्रमण कारियो को लाभ पहुंचाने की साजिस के तहत दरगाह की आय को नुकसान पहुंचाने की योजना तैयार कर उर्स की तैयारियों में लगे अधिकारियों के सामने समस्या पैदा कर दी है।नगर पंचायत के जो दो पत्र उपजिला अधिकारी रुड़की को दिए गए है उनमें भी विरोधाभास चमकता है।क्योंकि अधिशासी अधिकारी ने जो पत्र 19/10/19 को दिया है उसमे सड़क किनारे वेंडिंग जॉन व अस्थायी तबरी वसूलने के लिये सड़को की पैमाइश कराकर उर्स से पूर्व हैंडओवर करने की मांग की गयी है,ओर जो पत्र उपजिला अधिकारी रुड़की को नगर पंचायत अध्यक्ष की तरफ से 18/10/19 को कार्यालय में रसिवड़ किया गया है उसमे अवैध अतिक्रमण जो पूर्व से सरकारी जमीनों पर हो रखा है उसको छोड़कर हटाने की मांग की गयी है।ऐसे में सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण से वसूली कोन करेगा नगर पंचायत या दरगाह प्रशासन यह तो अधिकारी ही बता पाएंगे लेकिन अवैध अतिक्रमण को लेकर राजनीति किस करवट बैठती हेबयह आने वाला समय ही बतायेगा।नगर पंचायत के कुछ महानुभाव लोग इस राजनीति को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर योजना बद्ध तरीके से एक के बाद एक नुकसान दरगाह की आय का करने पर लगे है।जबकि अभी तक हाइकोर्ट में मुकद्दमा भी अभी नगर पंचायत व दरगाह का विचढ़ीं ही चल रहा है।ऐसा कोई स्पष्ट आदेश भी उक्त जमीनों को लेकर हाइकोर्ट ने नही किया जो नगर पंचायत सरकारी,सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश ,दरगाह की जमीनों पर अपना हक बता पाए।जबकि उर्स से पूर्व हर साल जिला प्रशासन सरकारी जमीनों को अवैध अतिक्रमणकारियों से खाली कराकर कब्जा मुक्त करता चला आ रहा है।अब देखना यह है की जिला प्रशासन उर्स की व्यवस्था में बाधक अवैध अतिक्रमण को हटा पायेगा या नगर पंचायत का दावा मान लेगा।

उत्तराखंड