साल 2018 में हज यात्रियों से चार साल पहले हुई धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार,,,

साल 2018 में हज यात्रियों से चार साल पहले हुई धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार,,,

साल 2018 में हज यात्रियों से चार साल पहले हुई धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार,,,

हरिद्वार:

साल 2018 में हज यात्रियों से चार साल पहले हुई धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को ज्वालापुर कोतवाली की पुलिस कोर्ट के आदेश और एसएसपी के निर्देश पर केरल से दबोच लाई। हरिद्वार लाकर कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, ज्वालापुर कैथवाड़ा निवासी शौकीन अहमद ने साल 2018 में हज यात्रियों को मक्का-मदीना भेजने का काम शुरू किया था। शौकीन अहमद ने 100 हज यात्रियों की बुकिंग लेकर आगे दो अलग-अलग टूर कंपनियों के माध्यम से वीजा लगवाने के लिए आवेदन किया। आरोप है कि दोनों टूर कंपनियों ने धोखाधड़ी कर 39 लाख से अधिक की रकम हड़प ली। इस मामले में 24 नवंबर 2020 को शौकीन की शिकायत पर पुलिस ने शाहजमाल, सैयद आरिफ व शमनन्द आदि के खिलाफ 39 लाख 49 हजार रुपये हड़पने और रकम मांगने पर धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में फरार चल रहे शमनंद बाबू निवासी निवासी पच्छाटिरी थाना तिरुर जिला मलापुरम केरल की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर फरार व इनामी आरोपियों और वांरटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उपनिरीक्षक रविंद्र जोशी व कांस्टेबल रोहित की टीम को केरल भेजा गया था। खोजबीन करते हुए टीम ने केरल से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ट्रांजिट रिमांड पर हरिद्वार लाने के बाद कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया है।

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केवल 19 हज यात्री कर पाए थे सफर

शौकीन अहमद ने एफआईआर में बताया था कि साल 2018 में हज पैकेज के तौर पर उन्होंने शाहजमाल को 50 व्यक्तियों के पासपोर्ट व कुल धनराशि 87 लाख 85 हजार रुपये दिए। लेकिन शाहजमाल ने केवल 50 व्यक्तियों में से 19 व्यक्तियों के पासपोर्ट पर ही वीजा लगवाया। जिससे केवल 19 व्यक्ति ही हज यात्रा पर मक्का मदीना जा सके। बकाया रकम में से 16 लाख 05 हजार रुपये शाहजमाल ने बैंक खाते में वापस किए। आरोप है कि 20 लाख 50 हजार रुपये नहीं लौटाए। वहीं, शमनन्द व सैय्यद आरिफ को भी 50 व्यक्तियों के पासपोर्ट सहित कुल 44 लाख रुपये दिए गए थे। बाद में उन्होंने वीजा लगवाने से इन्कार कर दिया। आरोपियों ने 29 लाख रुपये खाते में वापस किए, मगर 15 लाख रुपये नही लौटाए। बाद में फिर विश्वास करते हुए 9 लाख 99 हजार रुपये शमनन्द व सैययद आरिफ को दे दिए। लेकिन वीजा नहीं लगा। आरोपियों ने 34 लाख 99 हजार रुपये वापस कर दिए, पर 18 लाख 99 हजार रुपये वापस नहीं किए। इस तरह शाहजमाल, शमनन्द व सैययद आरिफ ने धोखाधड़ी कर कुल 39 लाख 49 हजार रुपये हड़प लिए थे।

——————-हरिद्वार: साल 2018 में हज यात्रियों से चार साल पहले हुई धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को ज्वालापुर कोतवाली की पुलिस कोर्ट के आदेश और एसएसपी के निर्देश पर केरल से दबोच लाई। हरिद्वार लाकर कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, ज्वालापुर कैथवाड़ा निवासी शौकीन अहमद ने साल 2018 में हज यात्रियों को मक्का-मदीना भेजने का काम शुरू किया था। शौकीन अहमद ने 100 हज यात्रियों की बुकिंग लेकर आगे दो अलग-अलग टूर कंपनियों के माध्यम से वीजा लगवाने के लिए आवेदन किया। आरोप है कि दोनों टूर कंपनियों ने धोखाधड़ी कर 39 लाख से अधिक की रकम हड़प ली। इस मामले में 24 नवंबर 2020 को शौकीन की शिकायत पर पुलिस ने शाहजमाल, सैयद आरिफ व शमनन्द आदि के खिलाफ 39 लाख 49 हजार रुपये हड़पने और रकम मांगने पर धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में फरार चल रहे शमनंद बाबू निवासी निवासी पच्छाटिरी थाना तिरुर जिला मलापुरम केरल की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर फरार व इनामी आरोपियों और वांरटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उपनिरीक्षक रविंद्र जोशी व कांस्टेबल रोहित की टीम को केरल भेजा गया था। खोजबीन करते हुए टीम ने केरल से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ट्रांजिट रिमांड पर हरिद्वार लाने के बाद कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया है।
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केवल 19 हज यात्री कर पाए थे सफर
शौकीन अहमद ने एफआईआर में बताया था कि साल 2018 में हज पैकेज के तौर पर उन्होंने शाहजमाल को 50 व्यक्तियों के पासपोर्ट व कुल धनराशि 87 लाख 85 हजार रुपये दिए। लेकिन शाहजमाल ने केवल 50 व्यक्तियों में से 19 व्यक्तियों के पासपोर्ट पर ही वीजा लगवाया। जिससे केवल 19 व्यक्ति ही हज यात्रा पर मक्का मदीना जा सके। बकाया रकम में से 16 लाख 05 हजार रुपये शाहजमाल ने बैंक खाते में वापस किए। आरोप है कि 20 लाख 50 हजार रुपये नहीं लौटाए। वहीं, शमनन्द व सैय्यद आरिफ को भी 50 व्यक्तियों के पासपोर्ट सहित कुल 44 लाख रुपये दिए गए थे। बाद में उन्होंने वीजा लगवाने से इन्कार कर दिया। आरोपियों ने 29 लाख रुपये खाते में वापस किए, मगर 15 लाख रुपये नही लौटाए। बाद में फिर विश्वास करते हुए 9 लाख 99 हजार रुपये शमनन्द व सैययद आरिफ को दे दिए। लेकिन वीजा नहीं लगा। आरोपियों ने 34 लाख 99 हजार रुपये वापस कर दिए, पर 18 लाख 99 हजार रुपये वापस नहीं किए। इस तरह शाहजमाल, शमनन्द व सैययद आरिफ ने धोखाधड़ी कर कुल 39 लाख 49 हजार रुपये हड़प लिए थे।
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उत्तराखंड