रामनगर में सेंट्रल जीएसटी कार्यालय की कार्यशैली को लेकर व्यापारियों और कर सलाहकारों में बढ़ी नाराज़गी,,,
रामनगर।
रामनगर में सेंट्रल जीएसटी कार्यालय की कार्यशैली को लेकर व्यापारियों और कर सलाहकारों में नाराज़गी बढ़ गई है। टैक्स बार से जुड़े अधिवक्ताओं और व्यापारियों का कहना है कि कार्यालय में अक्सर ताला लटका रहता है और अधिकारी फोन तक रिसीव नहीं करते। इससे करदाताओं को जरूरी कार्यों के लिए बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर रामनगर टैक्स बार की एक बैठक शहर के एक निजी रिसोर्ट में आयोजित की गई। बैठक में सदस्यों ने सेंट्रल जीएसटी कार्यालय में चल रही अव्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताई। टैक्स बार अध्यक्ष पूरन चंद्र पांडेय ने बताया कि जीएसटी से जुड़े कामों में बेवजह देरी हो रही है। जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करने में जहां पहले कुछ ही दिन लगते थे, वहीं अब डेढ़ महीने तक का समय लग रहा है।
उन्होंने कहा कि करदाताओं को छोटी-छोटी औपचारिकताओं के लिए रामनगर से करीब 60 किलोमीटर दूर बुला लिया जाता है, जिससे समय, धन और श्रम तीनों नष्ट हो रहे हैं। व्यापारी नेताओं का कहना है कि विभाग की लापरवाही से व्यापारिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं और नए उद्यमियों के सामने भी अड़चनें बढ़ रही हैं।
टैक्स बार के उपसचिव मनु अग्रवाल ने कहा कि यह रवैया शासन-प्रशासन की जवाबदेही पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। करदाताओं की मांग है कि संबंधित अधिकारी कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहें और कार्य निष्पादन समयबद्ध ढंग से किया जाए।
अधिवक्ताओं और व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्रालय और सीबीआईसी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि रामनगर कार्यालय में व्यवस्था पटरी पर लौट सके।
बैठक में टैक्स बार के उपाध्यक्ष फिरोज़ अंसारी, प्रबल बंसल, सचिव गौरव गोला, गुलरेज रज़ा, जीशान मलिक, शोभित अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, राकेश राही, मनोज बिष्ट, भोपाल रावत, लाइक अहमद समेत अनेक अधिवक्ता और व्यापारी मौजूद रहे।

