देश के प्रथम गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की डेढ़ सौ वीं जयंती पर वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन कुमार जैन एडवोकेट द्वारा दी गई श्रद्धांजलि,,,

देश के प्रथम गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की डेढ़ सौ वीं जयंती पर वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन कुमार जैन एडवोकेट द्वारा दी गई श्रद्धांजलि,,,

देश के प्रथम गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की डेढ़ सौ वीं जयंती पर वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन कुमार जैन एडवोकेट द्वारा दी गई श्रद्धांजलि,,,
रुड़की।
तहसील स्थित कैम्प कार्यलय पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं प्रदेश मानवाधिकार ब्यूरो उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष नवीन कुमार जैन एडवोकेट के नेतृत्व में देश के प्रथम गृहमंत्री व उप प्रधानमंत्री तथा महान स्वतंत्रता सेनानी “लौह पुरुष” सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150-वीं जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी गई। वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन कुमार जैन एडवोकेट ने कहा कि देश की स्वतंत्रता क्रांति में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।उनका जन्म 31 अक्टूबर सन् 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था।उन्होंने 562 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर अंग्रेजी सल्तनत के हुकमरानों को भारत से खदेड़ने पर मजबूर कर दिया था।हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लौह पुरुष के सम्मान में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने व लौह पुरुष का स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का लौह स्तम्भ गुजरात नर्मदा नदी किनारे स्थापित कर देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान देने का अनूंठा उदाहरण दिया है,तभी से राष्ट्र की एकता व अखंडता प्रतीक समस्त राष्ट्र में भारत के नागरिकों द्वारा रन ऑफ यूनिटी एक साथ दौड़ कर पुण्यात्मा लौह पुरुष को जीवंत रख भारतीय एकता व अखंडता को बनाएं रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम सबको नई पीढ़ी में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के आदर्शों को अंगीकार कर राष्ट्र की एकता व अखंडता में सहभागी बनने के लिए तैयार करना चाहिए।श्रद्धाजंलि कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता नरेंद्र कुमार जैन,डॉ०बीएल अग्रवाल,नेता भाजपा अधिवक्ता संजय शर्मा,एडवोकेट सुनील गोयल, रामगोपाल शर्मा,एड नीलकमल शर्मा,आशीष पंडित,सचिन गोंड़वाल,सुधीर चौधरी,एडवोकेट हिमांशु ,वैध टेक वल्लभ,सुभाष गोस्वामी,राजेश वर्मा,अनुज आत्र्ये,मदन श्रीवास्तव,नीरज कपिल,अशोक कुमार, सोनू,ऋषिपाल बर्मन,अश्विनी भारद्वाज,बृजेश सैनी,अक्षय,पंकज जैन,अधिवक्ता अभिनव आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंड