खिदमत खल्क कमेटी द्वारा सैकड़ों लोगों को दी गई रमजान किट,रोजा,नमाज और इबादत से बढ़कर है किसी जरूरतमंद की मदद करना,कारी रागिबुल्लाह,,,
रुड़की।
खिदमते खल्क कमेटी,शेखपुरा के अध्यक्ष मेजर सूबेदार कारी रागिबुल्लाह की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी माहे रमजान के मौके पर गरीब,विधवाओं तथा बेसहारा लोगों को रमजा किट बांटी गई।रामपुर रोड स्थित मुस्कान पैलेस में गरीबों को राशन किट वितरित करते हुए उन्होंने कहा कि केवल रोजा रखना,नमाज पढ़ना या इबादत करने का नाम ही नहीं,बल्कि इस्लाम के उसूलों पर चलना,गरीबों मिस्किनों,यतीमों की मदद करना और अपने माल से दरिद्र लोगों की मदद करना भी इबादत के दर्जे में माना जाता है।उन्होंने कहा कि इस्लाम बताता है कि अगर आपके पड़ोस में कोई भी किसी भी धर्म का अगर भूखा है या परेशान है तो उसकी मदद करना भी इस्लामी नजरिया के मुताबिक इबादत का दर्जा रखता है।अगर हम ऐसा नहीं करते तो हमारी नमाज,रोजा या इबादत किसी काम की नहीं है,इसी भावना को लेकर रमजान के मौके पर राशन किट वितरित की जाती है और यही नहीं सर्दियों में गरीब,बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को कंबल व गर्म कपड़े वितरित करते हैं।उन्होंने कहा कि यह कार्य किसी प्रचार अथवा नुमाइश के लिए नहीं करते,बल्कि अल्लाह की रजा के लिए करते हैं और हमें समाज के लोगों को भी ऐसे ही कार्य करने चाहिए।इस अवसर पर जमाते इस्लामी के डॉक्टर ताहिर हुसैन ने कहा कि मेजर रागिबुल्लाह इस्लाम के उन उसूलों पर चलते हैं,जिसमें इंसानियत और मानव सेवा ही सबसे बड़ी इबादत है।इस अवसर पर मोहम्मद शाकिर,मोहम्मद जाकिर,अफजल मंगलौरी,सलमान फरीदी,इमरान देशभक्त,सैयद नफीसुल हसन आदि मौजूद रहे।

