शिष्य की तलाश में सड़क पर उतरे महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी,बोले- शिष्य को न्याय न मिला तो होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन,,,
रुड़की।
रुड़की क्षेत्र में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज अपने शिष्य महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी की तलाश में पूरे दिन इधर-उधर भटकते रहे। देर शाम महंत रामस्वरूपानंद गिरी मंगलौर थाना क्षेत्र की लखनौता चौकी में मिले जहां से महामंडलेश्वर उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हुए। इस दौरान महंत ने मंदिर से जुड़े विवाद और कथित उत्पीड़न को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं तथा न्याय नहीं मिलने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने वीडियो जारी कर बताया कि उनके शिष्य महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी ने हरिद्वार के सर्वानंद घाट से मुख्यमंत्री आवास देहरादून तक पदयात्रा का आह्वान किया था। निर्धारित समय पर वे अपने यति शिष्यों के साथ सर्वानंद घाट पहुंचे लेकिन महंत वहां नहीं मिले और उनका मोबाइल भी बंद मिला। इसके बाद महामंडलेश्वर अपने दर्जनों शिष्यों के साथ पूरे दिन उनकी तलाश करते रहे। देर शाम महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी मंगलौर थाना क्षेत्र की लखनौता चौकी में मिले। इसके बाद महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हुए। महंत रामस्वरूपानंद गिरी ने दावा किया कि वे पिछले दो वर्षों से दहियाकी स्थित शिव मंदिर में सेवा कर रहे थे।जहां उन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मंदिर के विकास के कई कार्य कराए। महंत रामस्वरूपानंद गिरी का आरोप है कि 27 जुलाई की रात कुछ लोगों ने मंदिर में घुसकर उनके साथ अभद्रता की धमकाया और मंदिर छोड़ने के लिए मजबूर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट और दबाव बनाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महंत का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत थाना मंगलौर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की लेकिन अब तक उचित कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि उन्हें सुरक्षा देकर दोबारा मंदिर में स्थापित नहीं किया गया तो पूरे देश में संत समाज के साथ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने भी अपने शिष्य को न्याय दिलाने की बात कही है।
*बाइट- महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज (पंचदशनाम जूना अखाड़ा)*

