कांवड़ मेले के बाद कलियर उर्स की चुनौती, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर,,,
23 अगस्त से 28 अगस्त तक आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित,,,
रुड़की।
अनवर राणा।
कांवड़ मेले के समापन के बाद अब पिरान कलियर में शुरू हो चुका 758वां सालाना उर्स पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा,यातायात और पार्किंग व्यवस्था का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। मेला क्षेत्र को चार जोन और 16 सेक्टर में बांटकर करीब 600 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। उर्स के दौरान बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 24 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे जबकि जायरीनों के वाहनों के लिए 13 अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से दरगाह परिसर के एक किलोमीटर के दायरे को जीरो जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस के मुताबिक 23 अगस्त से 28 अगस्त तक आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अलग-अलग मार्गों से कलियर पहुंचने वाले जायरीनों के वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही रोका जाएगा। इसके बाद जायरीनों को आगे जाने की व्यवस्था रहेगी। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि 758वां सालाना उर्स अगले 10 से 15 दिनों तक चलेगा और इसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूरे मेला क्षेत्र को चार जोन और 16 सेक्टर में बांटा गया है। करीब 600 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। उर्स के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और आपराधिक गतिविधियों पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी। BDS टीम के साथ खोया-पाया सेल सक्रिय रहेगा। जेबकतरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा वहीं बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहेगी। मेला क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है जिससे संदिग्ध गतिविधियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा सके।

