क्रांतिकारी शालू सैनी ने फिर निभाया अपना धर्म,बेटी बनकर दिया बूढ़े बेसहारा की अर्थी को कंधा,,,
क्रांतिकारी शालू सैनी ने फिर निभाया अपना धर्म,बेटी बनकर दिया बूढ़े बेसहारा की अर्थी को कंधा,,, रूड़की। समाज की रूढ़िवादी मान्यताओं को चुनौती देते हुए और मानवता का धर्म निभाते हुए क्रांतिकारी शालू सैनी ने…










