शहर में घूमती हजारों ई-रिक्शाओं के बीच “उधार की सांस” यानि ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर ई रिक्शा चलाते गुल मोहसिन,,,
शहर में घूमती हजारों ई-रिक्शाओं के बीच "उधार की सांस" यानि ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर ई रिक्शा चलाते गुल मोहसिन,,, रुड़की: जिंदगी हर किसी के लिए आसान नहीं होती। मुश्किल आने पर ज्यादातर लोग सहारा ढूंढने…










