कैशबुक व लेजर, स्टॉक सहित लेखा सम्बन्धी अभिलेख भृष्टलेखाकार द्वारा महीनों नहीं होते पूरे,,,

कैशबुक व लेजर, स्टॉक सहित लेखा सम्बन्धी अभिलेख भृष्टलेखाकार द्वारा महीनों नहीं होते पूरे,,,

कैशबुक व लेजर, स्टॉक सहित लेखा सम्बन्धी अभिलेख भृष्टलेखाकार द्वारा महीनों नहीं होते पूरे,,,

गबन की सम्भवना से नहीं किया जा सकता इंकार,,,
कलियर।
अनवर राणा।
उत्तराखण्ड सरकार जहां पूरी तरह से करप्शन पर जीरो टोलरेंश की नीति पर कार्य कर रही है ओर भ्र्ष्टाचार मुक्त सरकार का दावा जोर शोर से कर रही हैं।वहीं सरकार द्वारा गठित उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अधीन प्रदेश की सबसे ज्यादा करोड़ो में प्रतिवर्ष आय देने वाली दरगाह साबिर पाक पिरान कलियर कार्यालय में व्याप्त भ्र्ष्टाचार व वित्तीय अनियमितता कार्यालय के लेखाकार तथा उनकी मित्र मंडली सुपरवाइजरों द्वारा दरगाह की आय को दीमक की तरह चाटा जा रहा है।इस कि पुष्टि भी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की द्वारा गठित जांच समिति द्वारा जनहित में कई गयी एक शिकायत के माध्यम से हो चुकी है ,परन्तु सम्बंधित लेखाकार व सुपरवाइजरों के खिलाफ महीनों गुजर जाने के बावजूद कोई कार्यवाही जिला अधिकारी हरिद्वार/दरगाह प्रशासक तथा वक्फ बोर्ड उत्तराखण्ड मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा आज तक नहीं की गई है।जबकि उक्त शिकायत की जांच कर कार्यवाही के लिये माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल के द्वारा जनहित याचिका अनवर राणा बनाम सरकार में दिनांक 21/06/2022 में चार माह के अंदर कार्यवाही करने के निर्देश सीईओ वक्फ बोर्ड को दिये गये थे।इसी सम्बन्ध में तत्कालीन दरगाह प्रबंधक के द्वारा बार बार मौखिक रूप से दरगाह कार्यालय लेखाकार से कैशबुक,लेजर,स्टॉक रजिस्टर्ड तथा अन्य पत्रावली मांगने पर भी उपलब्ध न कराये जाने पर प्रबंधक ने लिखित नोटिश 13 फरवरी2023 पत्रांक 1414 को देकर तीन दिन के अंदर लेखाकार सफीक अहमद से रेकॉर्ड तलब किया है जिसकी रिपोर्ट भी मुख्यकार्यपालक अधिकारी वक्फ बोर्ड,ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की को भेजने की पुख्ता जानकारी मिल रही है।समय से कैशबुक व लेजर तैयार न करने से वित्तीय अनियमितता तथा गबन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

उत्तराखंड