हल्द्वानी के बनभूलपुरा बवाल में पुलिस ने आरोपियों की शुरू कर दी गिरफ्तारी ,,,

हल्द्वानी के बनभूलपुरा बवाल में पुलिस ने आरोपियों की शुरू कर दी गिरफ्तारी ,,,

हल्द्वानी के बनभूलपुरा बवाल में पुलिस ने आरोपियों की शुरू कर दी गिरफ्तारी ,,,
हरिद्वार:
हल्द्वानी के बनभूलपुरा बवाल में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी है। सपा नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के भाई जावेद को गिरफ्तार कर लिया गया है। अर्धसैनिक बलों की तैनाती से हालात आंशिक रूप सामान्य होने पर कर्फ्यू में थोड़ी ढील दी गई है। साथ ही पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत मामले की जांच करेंगे। वहीं, बवाल के कारणों की पड़ताल करने पर प्रशासन की कार्यशैली और भूमिका सवालों के घेरे में आकर ठहर जा रही है। पता चला है कि कुछ दिन पहले सम्पत्ति को सील किया गया था। गुरुवार को अचानक उसे तोड़ने के लिए टीम पहुंच गई। जिससे लोग भड़क उठे और अराजक तत्वों ने पूरा बवाल करा डाला। प्रशासन की अधूरी तैयारी भी बवाल का कारण बनी है। ऐसे और भी कई सुलगते सवाल हैं, जिनका जवाब मिलना बाकी है।
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चार फरवरी को तनाव के बाद सील हुई थी सम्पत्ति
कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए हल्द्वानी नगर निगम अतिक्रमण हटाने में जुटा है। वनभूलपुरा इलाके में स्थित मलिक के बगीचे में नजूल भूमि (जिस पर किसी का मालिकाना अधिकार ना हो) पर मदरसे और एक मस्जिद बनी थी। नगर निगम ने इन्हें अवैध बताते हुए ऐक्शन लिया था। इसको लेकर 4 फरवरी की देर रात भी बवाल हो गया था। क्षेत्र में तनाव फैलता देख नगर निगम ने किसी आदेश का हवाला देते हुए दोनों स्थलों को सील कर दिया था। इसके बाद अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई को रोक दिया था, लेकिन गुरुवार को नगर निगम के कर्मचारी 4 बजे जेसीबी लेकर वनभुलपूरा थाने पहुंच गए। सील संपत्ति पर अचानक क्यों कार्रवाई की गई, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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दुपहिया वाहन के हेलमेट पहनकर पहुंची पुलिस
वनभूलपुरा में गुरुवार को हुए बवाल में पुलिस-प्रशासन की आधी-अधूरी तैयारियों का खामियाजा पूरी फोर्स और सुरक्षाकर्मियों को भुगतना पड़ा। सुरक्षा उपकरणों के नाम पर आधे से ज्यादा पुलिसकर्मी दोपहिया वाहनों पर इस्तेमाल होने वाले हेलमेट के सहारे पत्थरबाजों का सामना कर रहे थे। वहीं न तो पर्याप्त मात्रा में विंड शील्ड थी और न ही बाहरी फोर्स को इलाके के रास्तों का पता था। वहीं हिंसा और आगजनी की घटना में प्रशासनिक विफलता भी उजागर हुई है। घटना को लेकर पिछले दिनों क्षेत्र में फैले तनाव को देखते हुए भी प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई।

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