हरदा पर परिवारवाद के खिलाफ दिनेश कौशिक का कोंग्रेस पार्टी से इस्तीफा, होली के बाद साथियों की राय से लेंगे अगला निर्णय,,,

हरदा पर परिवारवाद के खिलाफ दिनेश कौशिक का कोंग्रेस पार्टी से इस्तीफा, होली के बाद साथियों की राय से लेंगे अगला निर्णय,,,

हरदा पर परिवारवाद के खिलाफ दिनेश कौशिक का कोंग्रेस पार्टी से इस्तीफा, होली के बाद साथियों की राय से लेंगे अगला निर्णय,,,

रुड़की।
अनवर राणा।
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं नगर पालिका रुड़की के पूर्व अध्यक्ष रहे पंडित दिनेश कौशिक ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के चलते किसी भी निष्ठावान कार्यकर्ता को उभरने का मौका नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत केवल और केवल अपना या अपने परिवार को ही टिकट दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी का ताला लगा है ऐसे ही अब उत्तराखंड में भी कांग्रेस पार्टी में ताला लगने वाला है।
लोकसभा चुनाव 2024 के चलते दलों के नेताओं में बड़ा फेर बदल हो रहा है तो वही रुड़की में पूर्व पालिका अध्यक्ष पंडित दिनेश कौशिक ने बड़े गुस्से के लहजे में साफ कहा है कि उत्तराखंड में हरीश रावत ने किसी भी निष्ठावान कार्यकर्ता को उभरने नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में जब निष्ठावान कार्यकर्ताओं की ही नहीं सुनी जाएगी और उन्हें समय-समय पर मौका नहीं दिया जाएगा तो निष्ठावान कार्यकर्ता और क्या करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से निष्ठावान कार्यकर्ता हरीश रावत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी के साथ खड़ा रहा है। लेकिन हरीश रावत ने अपने अलावा किसी भी निष्ठावान कार्यकर्ता को कोई मौका नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि अब फिलहाल लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने अपनी ही मनमानी की जिसके चलते उन्हें इसका बड़ा खेद है और उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है। एक सवाल के जवाब में जब उनसे पूछा गया कि उनका अगला कदम अब क्या होगा तो उन्होंने कहा कि अपने समर्थकों से विचार विमर्श कर होली के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। भाजपा में जाने की अटकलों पर भी उन्होंने फिलहाल विराम लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफे के बाद दिल्ली, देहरादून और रुड़की से बहुत फोन उनके पास आ रहे हैं लेकिन अभी वह कोई निर्णय नहीं ले रहे हैं। उन्होंने होली के बाद ही समर्थकों से विचार विमर्श कर कोई निर्णय लेने की बात कही।

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