लोकसभा चुनाव के बाद जिले की राजनीति में पसरा सन्नाटा ,,,

लोकसभा चुनाव के बाद जिले की राजनीति में पसरा सन्नाटा ,,,

लोकसभा चुनाव के बाद जिले की राजनीति में पसरा सन्नाटा ,,,
हरिद्वार:
लोकसभा चुनाव के बाद जिले की राजनीति में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग चार जून को आने वाले चुनाव नतीजों को लेकर अपने-अपने अनुमान लगा रहे हैं। इन सभी चर्चाओं के बीच कई जगहों पर लोग खानपुर विधायक उमेश कुमार के खिलाफ भगवानपुर थाने में दर्ज मुकदमे को लेकर भी उत्सुक नजर आ रहे हैं। चुनाव निपटते ही मुकदमे को लेकर ऐसा घमासान मचा कि विधायक ने सीधे एसएसपी और डीजीपी को चुनौती दे डाली। लगे हाथ सुराज सेवा दल ने भी मोर्चा संभाला और खानपुर विधायक से जुड़े कई अन्य मामलों की जांच की मांग भी कर डाली। लेकिन फिर अचानक यह मामला ठंडे बस्ते में चल गया। तीन दिन में मुकदमे का निस्तारण न होने पर आंदोलन की चेतावनी देने वाले विधायक उमेश कुमार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। पुलिस ने भी मुकदमे पर ठंडी चादर डाल दी। वहीं, सुराज सेवा दल की मांग पर भी कोई हलचल दिखाई नहीं दी। जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पहला सवाल यह है कि क्या मुकदमा सचमुच राजनीति से प्रेरित था। दूसरा सवाल यह है कि तीन दिन में निस्तारण न होने पर अपनी चेतावनी के मुताबिक विधायक उमेश कुमार ने इस प्रकरण पर चुप्पी क्यों साध ली। इसको लेकर जनता में कई तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। लोग हैरान हैं कि प्रकरण को लेकर सभी पक्ष अचानक से खामोश क्यों हो गए हैं। वहीं, सुराज सेवा दल अध्यक्ष रमेश जोशी का कहना है कि उन्होंने मुद्दा छोड़ा नहीं है, विधायक से जुड़े अन्य प्रकरणों की जांच भी होनी चाहिए। इसके लिए जल्द ही देहरादून में सुराज सेवा दल की मातृशक्ति आंदोलन शुरू करेगी।

उत्तराखंड