दरगाह कार्यालय से भ्र्ष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं, अब कम्बल खरीद घोटाले में भारी अनियमिता हुई उजागर,,,

दरगाह कार्यालय से भ्र्ष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं, अब कम्बल खरीद घोटाले में भारी अनियमिता हुई उजागर,,,

दरगाह कार्यालय से भ्र्ष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं, अब कम्बल खरीद घोटाले में भारी अनियमिता हुई उजागर,,,
कलियर।
दरगाह में गरीबों के लिए कंबल खरीद के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। कलियर निवासी कलीम ने जिलाधिकारी हरिद्वार को शिकायती पत्र सौंपते हुए इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायकर्ता ने पत्र में बताया है कि जिलाधिकारी द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि दरगाह से संबंधित किसी भी प्रकार की खरीदारी केवल ऑनलाइन GeM पोर्टल के माध्यम से की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इसके बावजूद दरगाह कार्यालय पर आरोप है कि इन आदेशों को नजरअंदाज कर वक्फ बोर्ड एक बड़े अधिकारी के इशारे पर एक चहेते व्यक्ति के जरिए करीब 2 लाख 50 हजार रुपये के कंबल खरीद लिए गए।आरोप है कि जिन कंबलों की खरीद दिखाई गई है, उनकी वास्तविक बाजार कीमत करीब 1 लाख 25 हजार रुपये है, बिलों में दोगुनी रकम दर्शाने का आरोप हैं। ये कंबल गरीब और जरूरतमंद लोगों में वितरण के लिए खरीदे गए थे,लेकिन पूरी प्रक्रिया में भारी अनियमितता और बंदरबाट का आरोप लगाया गया है।मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर वित्तीय भ्रष्टाचार बताते हुए निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों व संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों में भी इस प्रकरण को लेकर नाराजगी है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।अब यह देखना अहम होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या दरगाह प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो पाती है या नहीं।वक्फ बोर्ड सीईओ मोहम्मद आरिफ खान ने बताया है कि कंबलों का वितरण नही किया गया है। कंबल मानकों के अनुसार आये हैं या नही इसकी जांच की जा रही है।

उत्तराखंड