सौतेले पिता ने अपनी नाबालिग बेटी को ही बनाया हवस का शिकार ,,,
कोटद्वार:
मुस्लिम बुजुर्ग की दुकान के नाम को लेकर विवाद के चलते देश दुनिया में सुरक्षा में आए पौड़ी के कोटद्वार में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां एक सौतेले पिता ने अपनी नाबालिग बेटी को ही हवस का शिकार बना डाला। पीड़िता डरकर अपनी नानी के घर चली गई। मां ने खोजबीन के बाद उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया तो कलयुगी पिता की करतूत सामने आई पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चंद घंटे के भीतर ही आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बीती छह फरवरी को कोटद्वार निवासी एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराते हुए बताया था कि वह सुबह-सुबह बिना बताए कहीं चली गई है। पुलिस की खोजबीन में पता चला कि पीड़िता कोटद्वार में ही अपनी नानी के पास गई थी। पूछताछ के दौरान नानी ने बताया गया कि बालिका बहुत डरी हुई थी। वह अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती थी, क्योंकि वे उसे परेशान करते थे। हालांकि, बालिका ने पूरी बात स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई थी नानी ने बालिका को अपने एक परिचित के यहां सिगड्डी क्षेत्र में छोड़ दिया गया था। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुमशुदा बालिका को सिगड्डी क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। बालिका ने बताया कि 05 फरवरी की रात को सौतेले पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। भयभीत होकर वह घर से निकलकर अपनी नानी के पास चली गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी पिता के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया। एसएसआई अनिल चौहान के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने आरोप पिता को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने बताया कि आरोपी पिता कौड़िया, नजीबाबाद रोड, कोटद्वार (मूल निवासी- ग्राम परसिया, भगवती पोस्ट वालेपुर, थाना- जिला देवरिया उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पुलिस टीम
1 वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनिल चौहान
2. उपनिरीक्षक शशिभूषण जोशी
3. उपनिरीक्षक वेद प्रकाश
4. महिला उपनिरीक्षक दीपिका बिष्ट
5. हेड कांस्टेबल शशिकांत त्यागी
6. कांस्टेबल चंद्रपाल
7. होमगार्ड कुलदीप

