छत्रपति शिवाजी महाराज की 396-वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि,सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत रहे मौजूद,,,

छत्रपति शिवाजी महाराज की 396-वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि,सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत रहे मौजूद,,,

छत्रपति शिवाजी महाराज की 396-वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि,सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत रहे मौजूद,,,
रुड़की।
भारत रक्षा मंच द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की 396-वीं जयंती पर नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार लोकसभा के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि शिवाजी महाराज ने जिस प्रकार की राज सत्ता स्थापित की,वह भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गई।उन्होंने राष्ट्र तथा सनातन की रक्षा के लिए मुगलों से गोरिल्ला वार की तर्ज पर संघर्ष किया,हालांकि शिवाजी महाराज के पास सीमित संसाधन के बावजूद उन्होंने लाखों की मुगलों की फौज तथा बड़ी संख्या में शस्त्रों से लैस मुगली सेना को झुकने पर मजबूर कर दिया।आज हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की मजबूती के लिए एकजुट होना होगा।हमारे देश के सामने आज अनेक चुनौतियां मौजूद हैं,जिसका मुकाबला केवल हमें संगठित होकर करना होगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए स्वामी लोकेश जी महाराज ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन राष्ट्रभूमि को समर्पित रहा।छत्रपति शिवाजी एक ऐसे महान योद्धा थे जिन्होंने राष्ट्र को सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष किया था कभी हार नहीं मांगी और मुगलिया सल्तनत के दांत खट्टे किए।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।भारत रक्षा मंच की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि चौधरी तथा महामंत्री अजीत सिंह के संचालन में हुए कार्यक्रम में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी,विधायक प्रदीप बत्रा,कर्नल विशाल रोशनिया,भाजपा जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह,मेयर अनीता देवी अग्रवाल आदि ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर संजीव कुमार कौशिक एडवोकेट,सुभाष सरीन,दिनेश पंवार,अशोक शर्मा,ललित मोहन अग्रवाल,चौधरी धीर सिंह,सेवानिवृत सूबेदार मेजर मेहरबान भंडारी, अफजल मंगलौरी,आशा धसमाना,धीरज पाल,डॉक्टर नवनीत सिंह,अशोक शर्मा,डॉक्टर सुभाष,शिवम अग्रवाल पार्षद,संजय प्रजापति,रश्मि गुप्ता,सरस्वती रावत, निर्मला देवी,अनूप बंसल,विजयपाल,डॉक्टर कुलदीप रघुवंशी,प्रवीण गोयल,अनुज त्यागी,मदन,कुलदीप व अमरीश आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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