बोर्ड सरकारी जमीन का, निर्माण पर नहीं किसी की नजर……!  सरकारी जमीन पर कब्जा हो रहा है, निर्माण कार्य कई दिनों से धड़ल्ले से जारी,,,

बोर्ड सरकारी जमीन का, निर्माण पर नहीं किसी की नजर……! सरकारी जमीन पर कब्जा हो रहा है, निर्माण कार्य कई दिनों से धड़ल्ले से जारी,,,

बोर्ड सरकारी जमीन का, निर्माण पर नहीं किसी की नजर……!

सरकारी जमीन पर कब्जा हो रहा है, निर्माण कार्य कई दिनों से धड़ल्ले से जारी,,,

हरिद्वार।

अनवर राणा।

सरकारी जमीन पर कब्जा हो रहा है, निर्माण कार्य कई दिनों से धड़ल्ले से जारी है और जिम्मेदार महकमे नदारद हैं। मामला शिवालिक नगर में नदी किनारे स्थित भेल की करोड़ों रुपये की जमीन का है। यहां दिनदहाड़े सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल चल रहा है, लेकिन भेल नगर प्रशासन से लेकर सरकारी गृह निर्माण समिति तक किसी की सक्रियता नजर नहीं आ रही है। हैरानी की बात यह है कि जिस जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, वहां बाकायदा सरकारी गृह निर्माण समिति भेल का बोर्ड लगा है। यानी जमीन की सरकारी पहचान भी मौके पर मौजूद है, लेकिन कब्जा करने वालों को रोकने वाला कोई नहीं।

कई दिनों से जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बावजूद न तो निर्माण रुकवाने की कोई कोशिश दिखाई दे रही है और न ही जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की कोई पहल। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकारी जमीन पर कब्जे की यह गतिविधि किसकी नजरों के सामने चल रही है और जिम्मेदार कार्रवाई से क्यों बच रहे हैं?

छोटी ठेली पर कार्रवाई, करोड़ों की जमीन पर खामोशी…….
भेल नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। ठेली-पटरी लगाने वालों और झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने के लिए तत्काल हरकत में आने वाले प्रशासन को नदी किनारे करोड़ों की सरकारी जमीन पर होता निर्माण क्यों नहीं दिखाई दे रहा? अतिक्रमण के नाम पर छोटी-छोटी दुकानों और ठेलियों पर कार्रवाई करने वाले जिम्मेदारों की इस मामले में चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

वहीं, सरकारी गृह निर्माण समिति भेल की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। संपत्ति पर समिति का बोर्ड लगा होने के बावजूद जमीन पर कब्जे की कोशिश और निर्माण जारी रहना जमीन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। आखिर समिति के जिम्मेदार अधिकारी कहां हैं? क्या उन्हें जमीन पर चल रहे निर्माण की जानकारी नहीं है या फिर जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है?

बोर्ड सरकारी जमीन का, निर्माण पर नहीं किसी की नजर……!
मामले में सबसे गंभीर पहलू यही है कि जमीन की पहचान और स्वामित्व को लेकर मौके पर सरकारी बोर्ड लगा हुआ है। इसके बावजूद कई दिनों से निर्माण जारी रहना सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के दावों की हकीकत सामने ला रहा है। अब देखना होगा कि भेल नगर प्रशासन और सरकारी गृह निर्माण समिति इस मामले में कब जागते हैं और करोड़ों की जमीन को कब्जे से बचाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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