महाराजा दशरथ का पुत्रों के वियोग में मृत्यु हो जाना आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा
(देशराज) रुड़की। आदर्श शिवाजी नगर में चल रही रामलीला के पांचवें दिन का उदघाटन मुख्य अतिथि मोहन सिंह सामंत पूर्व अध्यक्ष अशोक नगर विकास समिति, आयुर्वेदिक संस्थान बूचडी फाटक प्रदीप सिंह नेगी, महिला मंडली ए ब्लोक, बी व्लोक, एवं डी ब्लोक ने फिता काटकर रामलीला का शुभारंभ किया। रामलीला का मंचन संतोषी माता की आरती के साथ शुरू होते हुए राम लक्ष्मण और सीता का कौशल्या से मिलन वन जाने की आज्ञा मांगना, कैक्ई कोप भवन में राम लक्ष्मण की वन जाने की तैयारी व राजश्री वस्त्रों का त्याग करना, गंगा तट पर केवट मिलन, केवट के द्वारा प्रभु राम को गंगा पार करवाना, तत्पश्चात सुमंत का वापस दशरथ के पास आना व दशरथ का पुत्रों के बियोग में मृत्यु हो जाना आज़ के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।इस अवसर पर नगर एवं रामलीला के अध्यक्ष गौर सिंह भण्डारी, संयोजक जगमोहन सिंह रावत, निर्देशक शिव चरण विंजोला, धर्म सिंह भण्डारी, उपाध्यक्ष भगत सिंह रावत, सलाहकार एवं पूर्व अध्यक्ष विजय सिंह पंवार, रामलीला के मैनेजिंग डायरेक्टर जयवीर सिंह रावत, बालम सिंह नेगी, प्रवक्ता ज्ञान सिंह विष्ट, पारेश्वर प्रसाद लखेड़ा, साज सज्जा व श्रींगार महावीर प्रसाद डोभाल, विनोद कक्त्वान, श्याम सिंह पंवार, रविन्द्र सिंह पंवार, बच्ची राम कुंडलियां, राजेंद्र सिंह रावत, जय सिंह नेगी, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, सचिव पुष्कर सिंह तोमर, धन सिंह खत्री, हारमोनियम पर बलवीर सिंह रावत राजविहार वाले, ढोलक पर सुशील भटनागर, लेखा जोखा अर्जुन सिंह नेगी, शिशुपाल, बाल कलाकारों में मोहित नेगी, रोहित रावत, मोहित रावत, बादल लखेड़ा, रितिक, महिला अध्यक्ष संतोषी राणा, लक्ष्मी जखवाल, विश्म्वरी देवी, गायत्री बुंगला, रामेश्वरी पंवार, देवेश्वरी गुसाईं, एवं रामलीला समिति के सभी सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।

