वक्फ बोर्ड उत्तराखण्ड के रिकॉर्ड में नही कोई दरगाह साबिर पाक का सज्जादा,चोर कभी कोतवाल नही हो सकता,,,,।
दरगाह साबिर पाक की दान में मिली जमीनों को बेचकर खाने वाले लोगो को मनघड़ंत अपने व परिवार के नाम के सामने हजरत, रहमतुल्ला आलेय, गद्दीनशीन जैसे लक़ब से आनी चाहिये शर्म ,,,,,,सूफी खलीक वक्फ…








