टनल में मलबा आने की वजह से फंसे चालीस से अधिक श्रमिकों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज

टनल में मलबा आने की वजह से फंसे चालीस से अधिक श्रमिकों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज

टनल में मलबा आने की वजह से फंसे चालीस से अधिक श्रमिकों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज

उत्तराखंड:

ब्यूरो।

उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से पोलगांव के बीच निर्माणाधीन टनल में रविवार को मलबा आने की वजह से फंसे चालीस से अधिक श्रमिकों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं कार्यो का जायजा लिया। मौके पर मौजूद एसडीआरएफ के कमांडेट मणिकांत मिश्रा से भी पूरे मामले की जानकारी ली गई। वहीं एसडीआरएफ ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। टीम का नेतृत्व कर रहे कमांडेट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि बटालियन के कर्मचारी चौबीस घंटे से भी अधिक समय से राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए है। श्रमिकों से संपर्क हो चुका है। जल्द ही श्रमिकों को बचा लिया जाएगा। बताते चले कि आईपीएस मणिकांत मिश्रा उत्तरकाशी जिले के कप्तान भी रह चुके हैं। कोरोना संक्रमणकाल के दौरान उन्होंने पूरे देश में सबसे पहले नई पहल शुरू करते हुए फेसबुक के माध्यम से उत्तरकाशी के निवासियों से संपर्क साधा था। यह कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा था। इसके बाद उन्होंने प्रतिदिन चिकित्सकों, विशेषज्ञों को फेसबुक के माध्यम से उत्तरकाशी के निवासियों से जोड़ा और संवाद स्थापित किया। उन्होंने फेसबुक के माध्यम से दुरुस्त गांव तक भी लोगों से संपर्क साधा था।उत्तराखंड: उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से पोलगांव के बीच निर्माणाधीन टनल में रविवार को मलबा आने की वजह से फंसे चालीस से अधिक श्रमिकों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं कार्यो का जायजा लिया। मौके पर मौजूद एसडीआरएफ के कमांडेट मणिकांत मिश्रा से भी पूरे मामले की जानकारी ली गई। वहीं एसडीआरएफ ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। टीम का नेतृत्व कर रहे कमांडेट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि बटालियन के कर्मचारी चौबीस घंटे से भी अधिक समय से राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए है। श्रमिकों से संपर्क हो चुका है। जल्द ही श्रमिकों को बचा लिया जाएगा। बताते चले कि आईपीएस मणिकांत मिश्रा उत्तरकाशी जिले के कप्तान भी रह चुके हैं। कोरोना संक्रमणकाल के दौरान उन्होंने पूरे देश में सबसे पहले नई पहल शुरू करते हुए फेसबुक के माध्यम से उत्तरकाशी के निवासियों से संपर्क साधा था। यह कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा था। इसके बाद उन्होंने प्रतिदिन चिकित्सकों, विशेषज्ञों को फेसबुक के माध्यम से उत्तरकाशी के निवासियों से जोड़ा और संवाद स्थापित किया। उन्होंने फेसबुक के माध्यम से दुरुस्त गांव तक भी लोगों से संपर्क साधा था।

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