शब-ए-बरात की रात में तौबा अस्तगफार करें और अपने दिलों से नफरत कीना, हसद व बुगज को निकाल एक दूसरे को माफ करके ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की करें इबादत,,,
शब-ए-बरात की रात में तौबा अस्तगफार करें और अपने दिलों से नफरत कीना, हसद व बुगज को निकाल एक दूसरे को माफ करके ज्यादा से ज्यादा अल्लाह की करें इबादत,,, रुड़की। अनवर राणा। हजरत मौलाना…









